ढाका। बांग्लादेश में छात्र संघ चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की छात्र इकाई जातीयताबादी छात्र दल (जेसीडी) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रविवार को राजधानी ढाका के अगरगांव स्थित चुनाव आयोग मुख्यालय के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग पर पोस्टल बैलेट व्यवस्था और छात्र संघ चुनाव से जुड़े फैसलों में गंभीर भेदभाव और धांधली का आरोप लगाया।
द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रदर्शन में हजारों छात्रों ने भाग लिया। सुबह करीब 10 बजे बड़ी संख्या में जेसीडी समर्थक आयोग के मुख्यालय के सामने एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए निष्पक्ष चुनाव की मांग की। धरने के दौरान जेसीडी के अध्यक्ष रकीबुल इस्लाम ने छात्रों को संबोधित किया और आयोग की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए।
रकीबुल इस्लाम ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के कुछ अधिकारियों की शह पर एक राजनीतिक दल ने पोस्टल बैलेट पेपर के साथ छेड़छाड़ की है। उन्होंने दावा किया कि यही तरीका छात्र संघ चुनावों में भी अपनाया जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि शाहजलाल विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के आगामी केंद्रीय छात्र संघ चुनाव में भी बड़े पैमाने पर धांधली हो सकती है।
उन्होंने आगे कहा कि इससे पहले जगन्नाथ विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनाव में भी नियमों की खुलेआम अनदेखी की गई, लेकिन चुनाव आयोग ने इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। जेसीडी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि आयोग मूकदर्शक बना रहा और एक विशेष राजनीतिक दल को फायदा पहुंचाने के लिए संदिग्ध और मनमाने फैसले ले रहा है।
रकीबुल इस्लाम ने यह भी सवाल उठाया कि शाहजलाल विश्वविद्यालय में चुनाव प्रक्रिया को जल्दबाजी और गलत तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, महज आठ दिनों के भीतर 398 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन वापस ले लिए, जिसे जेसीडी ने असामान्य बताया है। चुनाव आयोग के अनुसार, मंगलवार को चुनाव चिह्नों का आवंटन किया जाएगा और बुधवार से चुनाव प्रचार शुरू होगा।
प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग से छात्र संघ चुनाव की पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

