गुमला। कामडारा थाना क्षेत्र के आमटोली जंगल में रविवार को सुरक्षा बलों एवं पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के बीच हुई मुठभेड़ में घायल उग्रवादी बेड़ो से गिरफ्तार कर लिया गया। सोमवार को गिरफ्तार 10 लाख के इनामी उग्रवादी संतोष यादव को रिम्स में भर्ती कराया गया है, उसे गोली लगी है। मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों ने तीन उग्रवादियों को मार गिराया था। इसमें से एक 10 लाख का इनामी उग्रवादी गुजू गोप है। दो अन्य की शिनाख्त नहीं हो पाई है। वहीं, संतोष घायलावस्था में मौके से भाग निकला था।
50 से अधिक मोबाइल व सिम कार्ड जब्त
पुलिस लगातार सर्च अभियान चला रही थी और इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि संतोष अपने घर बेड़ो में छिपा है। पुलिस ने सोमवार अहले सुबह छापेमारी कर संतोष को गिरफ्तार कर लिया और उसे रिम्स में भर्ती कराया है। मुठभेड़ के बाद मौके से सुरक्षा बलों ने दो एके 47, दो रायफल, एक विदेशी और एक देसी पिस्टल, 50 से अधिक मोबाइल व सिम कार्ड, दो वायरलेस सेट, एक लाख नगद समेत अन्य सामग्री जब्त किया था। पुलिस को सूचना मिली थी कि आमटोली जंगल में पीएलएफआई उग्रवादी संतोष यादव और गुजू गोप का दस्ता छिपा है। गुमला, खूंटी व तोरपा के जवानों के साथ कोबरा बटालियन 209 ने सुबह 4 बजे सर्च अभियान चलाया।
पुलिस को विशेष दिशा निर्देश दिया गया
कामडारा थाना क्षेत्र के तुरुन्दू आम टोली जंगल में जहां पर उग्रवादियों व पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई, वह उग्रवादियों के लिए सेफ जोन माना जाता है। इलाके में उग्रवादी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए करीब तीन दिनों से मौजूद थे, जिसकी गुप्त सूचना पुलिस मुख्यालय को थी। इस सूचना के बाद मुख्यालय स्तर से उग्रवादियों के धर पकड़ को लेकर गुमला, खूंटी व तोरपा पुलिस को विशेष दिशा निर्देश दिया गया। साथ ही तीनों जगहों के पुलिस बल व कोबरा के चार बटालियन को मिलाकर 12 टीम तैयार की गई। गुमला की टीम का नेतृत्व बसिया सर्किल के एसडीपीओ दीपक कुमार व कुरकुरा पिकेट प्रभारी कर रहे थे, जबकि खूंटी की टीम का नेतृत्व वहां के एएसपी अनुराग राज और तोरपा टीम का वहां के एसडीपीओ ऋषभ झा कर रहे थे। सभी टीम ने चार दिशाओं से अहले सुबह करीब 4 बजे जंगल में घुसी।
जब जवान जंगल में घुसे उस समय पीएलएफआई के हार्डकोर उग्रवादी गुज्जु गोप अपने दस्ते के करीब सात सदस्यों के साथ टुरूंडू पहाड़ में सोया हुआ था, तभी पूरब की दिशा से पुलिस की दो टीम उग्रवादियों को घेरने के लिए आगे बढ़ी। पुलिस के आगे बढ़ते ही उग्रवादी नींद से जाग उठे। इसके बाद वे पश्चिम की दिशा में पहाड़ के नीचे की ओर भागने लगे। पर पहाड़ के नीचे एंबुस लगा कर दो टीम पहले से तैनात थी। सभी उग्रवादी घिर चुके थे। खुद को घिरता देख उग्रवादियों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान जवानों ने उन्हें आवाज लगाकर घिरे होने व सरेंडर करने की अपील की, मगर सभी उग्रवादी फायरिंग करते हुए भागने लगे। इस दौरान जवानों ने आत्मरक्षार्थ फायरिंग शुरू की। इसमें पहाड़ से नीचे दो उग्रवादी व पहाड़ से कुछ दूर एक उग्रवादी मारा गया, जबकि चार उग्रवादी अंधकार व जंगल का फायदा उठाकर भाग निकलने में सफल रहे। इनमें से एक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।