Close Menu
Azad SipahiAzad Sipahi
    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
    Wednesday, May 13
    • Jharkhand Top News
    • Azad Sipahi Digital
    • रांची
    • हाई-टेक्नो
      • विज्ञान
      • गैजेट्स
      • मोबाइल
      • ऑटोमुविट
    • राज्य
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
    • रोचक पोस्ट
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • e-Paper
    • Top Story
    • DMCA
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Azad SipahiAzad Sipahi
    • होम
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खलारी
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुर
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ़
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सरायकेला-खरसावाँ
      • साहिबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • विशेष
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • देश
    • दुनिया
    • राजनीति
    • राज्य
      • मध्य प्रदेश
    • स्पोर्ट्स
      • हॉकी
      • क्रिकेट
      • टेनिस
      • फुटबॉल
      • अन्य खेल
    • YouTube
    • ई-पेपर
    Azad SipahiAzad Sipahi
    Home»दुनिया»व्हाइट हाउस को झटका, काला सागर समझौते को लागू करने पर क्रेमलिन की शर्त, जेलेंस्की ने कहा-यह धोखा
    दुनिया

    व्हाइट हाउस को झटका, काला सागर समझौते को लागू करने पर क्रेमलिन की शर्त, जेलेंस्की ने कहा-यह धोखा

    shivam kumarBy shivam kumarMarch 26, 2025No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram LinkedIn Pinterest Email

    वाशिंगटन/मॉस्को/कीव। व्हाइट हाउस ने मंगलवार को पूरे भरोसे के साथ कहा कि यूक्रेन और रूस दोनों ने काला सागर में बल प्रयोग बंद करने पर सहमति जताई है। यह एक सैद्धांतिक समझौता है। इस पर क्रेमलिन ने व्हाइट हाउस को झटका देते हुए कठोरता के साथ कहा कि इसे लागू करने से पहले उसकी कई शर्तें हैं। समझौता तभी लागू होगा, जब उसकी शर्तें मानी जाएंगी। इस पूरे घटनाक्रम पर यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। जेलेंस्की ने मास्को पर नई शर्तें जोड़कर मध्यस्थों को धोखा देने का आरोप लगाया है।

    अमेरिका के दो बयान
    सीएनएन न्यूज चैनल की खबर के अनुसार, यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रात्रिकालीन संबोधन में कहा, ”वे (रूस) पहले से ही समझौतों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने की कोशिश कर रहे हैं और वास्तव में हमारे मध्यस्थों और पूरी दुनिया को धोखा दे रहे हैं।” हाल के दिनों में सऊदी अरब में अमेरिकी अधिकारियों ने रूसी और यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडलों के साथ कई अलग-अलग बैठकें कीं। व्हाइट हाउस ने मंगलवार को दो बयान जारी किए। दोनों में रूस और यूक्रेन के साथ हुए समझौते की रूपरेखा का उल्लेख किया। इन बयानों में कहा गया, ” अमेरिका और संबंधित देशों में से प्रत्येक ने सुरक्षित नेविगेशन सुनिश्चित करने, बल प्रयोग को समाप्त करने और काला सागर में सैन्य उद्देश्यों के लिए वाणिज्यिक जहाजों के उपयोग को रोकने पर सहमति व्यक्त की है।”

    इसके बाद जेलेंस्की का बयान आया सामने
    व्हाइट हाउस के बयान के तत्काल बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कीव में संवाददाता सम्मेलन बुलाया। उन्होंने पुष्टि की कि यूक्रेन काला सागर में सैन्य बल का प्रयोग बंद करने पर सहमत हो गया है। इसी दौरान क्रेमलिन के बयान में कहा गया कि वह इस समझौते को तभी लागू करेगा जब उसके बैंकों और खाद्य और उर्वरक निर्यात पर प्रतिबंध हटा दिए जाएंगे। ऐसा माना जाता है कि फरवरी 2022 में यूक्रेन पर बिना उकसावे के आक्रमण शुरू करने के बाद रूस पर यह प्रतिबंध लगाए गए थे।

    ट्रंप बोले-रूस की शर्तों पर होगा विचार
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा कि उनका प्रशासन रूस की शर्तों पर विचार कर रहा है। राष्ट्रपति ने कहा, पांच या छह शर्तें हैं। हम उन सभी पर विचार कर रहे हैं।” दिन में विचार रखने के बाद जेलेंस्की ने रात्रिकालीन संबोधन में मॉस्को को खरी खोटी सुनाई। तो क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि रूस चाहता है कि यह समझौता निष्पक्ष हो। यह याद रखना है कि पिछली बार हमने काला सागर समझौते को वास्तव में लागू करने का प्रयास किया था। मगर दूसरे पक्ष ने इसे नहीं माना। इसलिए इस बार फूंक-फूंक कर कदम आगे बढ़ाया जाएगा।

    अमेरिकी वादा
    समझा जा रहा है कि काला सागर में तनाव को कम करने के अपने प्रयासों के तहत ट्रंप ने कीव और मास्को दोनों खुश किया है। इसमें एक प्रमुख वादा शामिल है-”यह समझौता “कृषि और उर्वरक निर्यात के लिए विश्व बाजार में रूस की पहुंच को बहाल करने, समुद्री बीमा लागत को कम करने और ऐसे लेनदेन के लिए बंदरगाहों और भुगतान प्रणालियों तक पहुंच बढ़ाने में मदद करेगा।” सनद रहे कीव और उसके यूरोपीय सहयोगियों ने पहले ही युद्धविराम लागू होने से पहले प्रतिबंधों को हटाने के खिलाफ चेतावनी दी है।

    ऊर्जा केंद्रों पर हमले चिंता का सबब
    व्हाइट हाउस के बयानों में यह भी कहा गया कि अमेरिका और दोनों देश रूस और यूक्रेन की ऊर्जा सुविधाओं पर हमले पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक समझौते को ”कार्यान्वित करने के लिए उपाय विकसित करने” पर सहमत हुए हैं। जेलेंस्की और क्रेमलिन ने व्हाइट हाउस के इस बयान की पुष्टि की है। क्रेमलिन ने कहा कि ऊर्जा केंद्रों पर यह रोक 18 मार्च से शुरू हुई और 30 दिनों के लिए प्रभावी होगी, लेकिन इसे बढ़ाया जा सकता है।

    बाद में जेलेंस्की ने मॉस्को के इस दावे को खारिज कर दिया कि दूसरे के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमला करने पर रोक लग गई है। उन्होंने कहा कि क्रेमलिन झूठ बोल रहा है। यूक्रेन के साथ वार्ता के परिणामों को रेखांकित करने वाले बयान में व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिका युद्ध कैदियों के आदान-प्रदान, नागरिक बंदियों की रिहाई और जबरन स्थानांतरित यूक्रेनी बच्चों की वापसी में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    रियाद रहा वार्ता का केंद्र
    रूसी और अमेरिकी अधिकारियों ने सोमवार को रियाद के रिट्ज-कार्लटन होटल में मुलाकात की थी। इसी स्थान पर एक दिन पहले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने यूक्रेनी अधिकारियों से मुलाकात की थी। इससे पहले यूक्रेन के रक्षा मंत्री रुस्तम उमरोव ने ट्रंप के दूत कीथ केलॉग से मुलाकात की थी। कहा जा रहा है कि संयुक्त राष्ट्र और तुर्किये की मध्यस्थता से किए गए समझौते ने यूक्रेन को समुद्र के रास्ते अनाज निर्यात करने की अनुमति दी है। उसके जहाज काला सागर के बंदरगाहों की रूसी नाकाबंदी को दरकिनार कर और वैश्विक बाजारों तक पहुंचने के लिए तुर्किये के बोस्फोरस जलडमरूमध्य के जलमार्ग से सुरक्षित गुजरेंगे। इस पर रूस के विदेशमंत्री सर्गेई लावरोव ने मंगलवार को कहा कि मॉस्को रूसी और अमेरिकी अधिकारियों के बीच दूसरे दौर की वार्ता के परिणामों का विश्लेषण कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में ट्रंप और पुतिन के बीच बातचीत की कोई योजना नहीं है।

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Articleबंद हुई मध्यम और दीर्घ अवधि वाली गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम, लघु अवधि के लिए जमा करा सकेंगे सोना
    Next Article नेपाल में राजशाही की वापसी की फिराक में ज्ञानेन्द्र शाह, काठमांडू में 28 मार्च को शक्ति प्रदर्शन, राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी का मिला साथ
    shivam kumar

      Related Posts

      नेपाली कांग्रेस ने प्रधानमंत्री की सदन में अनुपस्थिति पर आपत्ति जताई, स्पीकर से हस्तक्षेप का अनुरोध

      May 13, 2026

      डोनाल्ड ट्रंप आज पहुंचेंगे चीन, शी जिनपिंग से मुलाकात पर दुनिया की नजर

      May 13, 2026

      संसदीय समिति की बैठक में नहीं आए प्रधानमंत्री बालेन्द्र, नेपाली कांग्रेस ने किया बैठक का बहिष्कार

      May 11, 2026
      Add A Comment

      Comments are closed.

      Recent Posts
      • प्रधानमंत्री की अपील का गुजरात में असर: राज्यपाल अब बस और ट्रेन से करेंगे सफर, भूपेंद्र पटेल ने घटाया काफिला
      • नेपाली कांग्रेस ने प्रधानमंत्री की सदन में अनुपस्थिति पर आपत्ति जताई, स्पीकर से हस्तक्षेप का अनुरोध
      • डोनाल्ड ट्रंप आज पहुंचेंगे चीन, शी जिनपिंग से मुलाकात पर दुनिया की नजर
      • सोना-चांदी पर आयात शुल्क अब 15 फीसदी
      • राजकीय सम्मान के साथ होगा पूर्व मंत्री माधवलाल का अंतिम संस्कार, CM ने जताया शोक
      Read ePaper

      City Edition

      Follow up on twitter
      Tweets by azad_sipahi
      Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

      Palamu Division

      • Garhwa
      • Palamu
      • Latehar

      Kolhan Division

      • West Singhbhum
      • East Singhbhum
      • Seraikela Kharsawan

      North Chotanagpur Division

      • Chatra
      • Hazaribag
      • Giridih
      • Koderma
      • Dhanbad
      • Bokaro
      • Ramgarh

      South Chotanagpur Division

      • Ranchi
      • Lohardaga
      • Gumla
      • Simdega
      • Khunti

      Santhal Pargana Division

      • Deoghar
      • Jamtara
      • Dumka
      • Godda
      • Pakur
      • Sahebganj

      Subscribe to Updates

      Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

      © 2026 AzadSipahi. Designed by Launching Press.
      • Privacy Policy
      • Terms
      • Accessibility

      Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

      Go to mobile version