Close Menu
Azad SipahiAzad Sipahi
    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
    Saturday, May 10
    • Jharkhand Top News
    • Azad Sipahi Digital
    • रांची
    • हाई-टेक्नो
      • विज्ञान
      • गैजेट्स
      • मोबाइल
      • ऑटोमुविट
    • राज्य
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
    • रोचक पोस्ट
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • e-Paper
    • Top Story
    • DMCA
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Azad SipahiAzad Sipahi
    • होम
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खलारी
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुर
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ़
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सरायकेला-खरसावाँ
      • साहिबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • विशेष
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • देश
    • दुनिया
    • राजनीति
    • राज्य
      • मध्य प्रदेश
    • स्पोर्ट्स
      • हॉकी
      • क्रिकेट
      • टेनिस
      • फुटबॉल
      • अन्य खेल
    • YouTube
    • ई-पेपर
    Azad SipahiAzad Sipahi
    Home»झारखंड»रांची»पुलिसवाले खुद हेलमेट नहीं पहनते, ऐसा नहीं चलेगा
    रांची

    पुलिसवाले खुद हेलमेट नहीं पहनते, ऐसा नहीं चलेगा

    आजाद सिपाहीBy आजाद सिपाहीApril 30, 2017No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram LinkedIn Pinterest Email

    रांची: अखबार में छपती है कि आज पांच सौ बिना हेलमेटवालों को पकड़ा और तीन लाख रुपये वसूले। दरअसल, यह खबर नहीं है। खबर होनी चाहिए कि आज हेलमेट चेकिंग के दौरान एक भी बिना हेलमेट वाले नहीं पकड़े गये। इसका मतलब होगा कि कानून का पालन करने को लेकर लोग जागरूक हो गये हैं। उक्त बातें नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने कही। सीपी सिंह शनिवार को रांची कॉलेज परिसर स्थित आर्यभट्ट सभागार में आयोजित सड़क सुरक्षा विषय पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
    मंत्री सीपी सिंह ने कहा कि कानून का पालन डर से न करा कर एक व्यक्ति को अपने से करना होगा। उन्हें जागरूक बनाने की जरुरत है। सड़क सुरक्षा लेकर केंद्र सरकार, राज्य सरकार समेत कई विभाग चिंतित हैं। सड़क सुरक्षा को लेकर इतना प्रयास करने के बावजूद पिछले 2015 की तुलना में 2016 में सड़क दुघर्टनाओं की संख्या में इजाफा हुआ है। कुछ सड़क दुर्घटनाएं को मान लें, कि यह प्राकृतिक आपदा हो सकता है, लेकिन मानवीय लापरवाही को तो नियंत्रण किया जा सकता है। सभी विभाग सड़क सुरक्षा को लेकर कुछ न कुछ प्रयास कर रहे हैं, लेकिन प्रयास इमानदारी से नहीं हो रहा है। कानून बना है लेकिन कानून का पालन नहीं होता है। कानून के लिए सब बराबर है। डीआइजी, आइजी हो या फिर सीएम हो कानून कोई तोड़े, तो उनके विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। एक ट्रैफिक पुलिस बिना हेलमेट के चलता है और बिना हेलमेट वालों को पकड़ता है, तो ऐसे में नहीं चलेगा। शहर में कितने लोग कार में सीट बेल्ट लगाकर चलते हैं। यह किसी से छिपा नहीं है। इसके लिए संकल्प लेना होगा कि कानून सबके लिए हैं। इसका पालन करना हमारा कर्तव्य है। लोगों की मानसिकता बदलनी होगी। कानून तोड़नेवालों की संख्या आज अधिक है। कानून का पालन करनेवालों की संख्या कम है।
    झारखंड में हर साल 3000 की मौत: खंडेलवाल
    परिवहन विभाग के प्रधान सचिव केके खंडेलवाल ने कहा कि सड़क सुरक्षा के प्रति आम लोगों को आगे आने की जरुरत है। विभाग इस ओर कई प्रयास कर रहा है, लेकिन सड़क दुर्घटना घटने के बजाये बढ़ने लगा है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2000 तक यह मानकर चल रही थी कि सड़क दुर्घटनाएं 50 फीसदी तक कम होगी, लेकिन इसमें इजाफा हो रहा है। झारखंड में प्रत्येक साल औसतन 3000 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। सड़क दुर्घटना को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी काफी गंभीर है। कोर्ट ने सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में एक कमेटी बनायी है, जो दुर्घटनाओं के कारणों के बारे में जानेगी और समाधान के उपाय बतायेगी। खंडेलवाल ने कहा कि परिवहन विभाग भी इस विषय पर कई बिंदुओं पर कार्य कर रहा है। ब्लैक स्पॉट चिह्नित कर वहां लगातार दुर्घटना होने के कारणों की समीक्षा होगी। ब्लैक स्पॉट वैसी सड़क का स्थान, जहां एक माह में 500 मीटर के बीच पांच बार दुर्घटना हो चुकी है, 10 व्यक्तियों की मौत हो चुकी हो। राज्य में 155 ब्लैक स्पॉट को चिह्नित किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने एक परफॉर्मा तैयार किया है, जिसे दुर्घटना के स्थान पर भरने का निर्देश दिया गया है। मसलन वाहन का नंबर, व्यक्ति की उम्र, सड़क की स्थिति इत्यादि। जिला और स्टेट स्तर पर भी कमेटी बनायी गयी है, जो दुर्घटना की विस्तृत समीक्षा कर रिपोर्ट तैयार करेगी। उन्होंने लाइसेंस निर्गत करने के दौरान वीडियोग्राफी कराने का निर्देश दिया गया है। नशे में वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया है। इसके लिए लोगों को जागरूक बनाने की जरुरत है। एक का भी जीवन हम बचा लें, तो पुण्य होगा। कार्यशाला के दूसरे सत्र में सड़क सुरक्षा पर केंद्रीय परिवहन विभाग की प्रतिनिधि तामली गांगुली, चीफ इंजीनियर विनय कुमार लाल, डॉ सुमन गुप्ता, संयुक्त सचिव सुचित्रा सिंह ने भी इस पर चर्चा की। कार्यशाला के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर कानून का पालन करने के लिए लोगों ने संकल्प लिया।

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Articleविद्यालय निरीक्षण के दौरान गंदगी देख भड़कीं उपायुक्त
    Next Article नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी हस्ताक्षर का मामला गरमाया
    आजाद सिपाही
    • Website
    • Facebook

    Related Posts

    डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय का नाम बदलना दुर्भाग्यपूर्ण: बाबूलाल मरांडी

    May 9, 2025

    बूटी मोड़ में मिलिट्री इंटेलिजेंस और झारखंड एटीएस का छापा, नकली सेना की वर्दी बरामद

    May 9, 2025

    रांची एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पर बरती जा रही विशेष सतर्कता

    May 9, 2025
    Add A Comment

    Comments are closed.

    Recent Posts
    • डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय का नाम बदलना दुर्भाग्यपूर्ण: बाबूलाल मरांडी
    • बूटी मोड़ में मिलिट्री इंटेलिजेंस और झारखंड एटीएस का छापा, नकली सेना की वर्दी बरामद
    • कर्नल सोफिया ने बताया- तुर्की के ड्रोन से पाकिस्तान ने किया हमला, भारतीय सेना ने मंसूबों को किया नाकाम
    • गृह मंत्रालय ने राज्यों को आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया
    • मप्र में सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक, मुख्यमंत्री ने बुलाई उच्च स्तरीय बैठक
    Read ePaper

    City Edition

    Follow up on twitter
    Tweets by azad_sipahi
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    © 2025 AzadSipahi. Designed by Microvalley Infotech Pvt Ltd.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Go to mobile version