चाइबासा। चाइबासा से झारखंड मुक्ति मोर्चा की प्रत्याशी जोबा मांझी ने पर्चा दाखिल किया। नामांकन दाखिल करते समय उनके साथ प्रदेश के सीएम चंपई सोरेन, पार्टी के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य, कल्पना मुर्मू सोरेन और चाइबासा विधायक दीपक बिरुआ शामिल हुए। जोबा मांझी के नामांकन की पूर्व संध्या पर दीपक बिरुआ ने कहा। इस बातचीत में उन्होंने सिंहभूम सीट से उन्हें टिकट नहीं मिलने, इंडिया गठबंधन में प्रत्याशी बदलने, ईचागढ़ डैम निर्माण और विस्थापन सहित चुनाव में माहौल के सभी सवालों का खुलकर जवाब दिया। ये पूछे जाने पर कि चाइबासा में जोबा मांझी के साथ आपकी प्रतिष्ठा भी दांव पर है क्योंकि आप विधायक हैं, दीपक बिरुआ ने कहा कि ऐसी बात नहीं है। सवाल प्रतिष्ठा का नहीं है। लोग मुझे जानते हैं, समझते हैं कि मैं किसी बात को प्रतिष्ठा से नहीं जोड़ता। हां! चाइबासा में पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे जोबा मांझी को जिताने के लिए मेहनत करें।
बीजेपी आदिवासियों में फूट डालना चाहती है
चाइबासा में हो आदिवासी समाज से किसी व्यक्ति को उम्मीदवार नहीं बनाये जाने और समाज में नाराजगी के सवाल पर दीपक बिरुआ ने कहा कि इस बात से इनकार नहीं है कि इस संसदीय सीट में हो आबादी है लेकिन, नाराजगी की बात गलत है। उन्होंने इसे बीजेपी का प्रोपेगेंडा बताते हुए कहा कि वो आदिवासियों में फूट डालना चाहती है। उन्होंने कहा कि कहां संथाल आबादी थी वहां उरांव जीते। इसी चाइबासा में कृष्णा मारडी जीते। पार्टी ताजा स्थिति और राजनीतिक दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर कोई भी फैसला लेती है।