बालूमाथ, हेरहंज, बारियातू,मुरपा के लोगों में जनप्रतिनिधियों के प्रति खास नाराजगी
बालूमाथ। झारखंड के बालूमाथ अनुमंडल बनने का सपना लोगों के द्वारा बालूमाथ लिए अब तक अधूरा है। सारी अहर्ता पूरी करने के बाद भी बालूमाथ को अनुमंडल का दर्जा नहीं मिलने के कारण बालूमाथ, हेरहंज, बारियातू,मुरपा लोगों में जनप्रतिनिधियों के प्रति खासनाराजगी है। जबकि लोग 32 वर्षों से अधिक समय से बालूमाथ को अनुमंडल और मुरपा को प्रखंड बनाने की मांग सांसद, विधायक और सत्ताधारी दल से करते आ रहे हैं। ज्ञात हो की एकीकृत बालूमाथ प्रखंड से विभाजीत कर दो नए प्रखंड हेरहंज और बारियातू प्रखंड की घोषणा 05 अक्टूबर 2009 को झारखंड के पूर्व राज्यपाल के शंकर नारायण ने की थी। तीनों प्रखंड के अंतर्गत 27 पंचायत आते हैं, जिसमें 100 से अधिक गांव शामिल हैं। इन सब की आबादी लगभग दो लाख है। अनुमंडल से जुड़े हुए कार्यों को लेकर लोगों को आज भी जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है। ग्रामीण बताते हैं की बालूमाथ को अनुमंडल का दर्जा मिल जाने से यहां के लोगो को ही नहीं हेरहंज और बारियातू प्रखंड के लोगों को भी राहत मिलेगी। लोगों को जिला मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। हेरहंज और बारियातू प्रखंड के लोगों को ज्यादा दूरी का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
बालूमाथ अनुमंडल निर्माण संघर्ष समिति के संतोष कुमार सिन्हा ने कहा कि आज तक यहां पर अनुमंडल बनने का सपना हमलोगों के लिए महज दिखावा हो गया। सिर्फ आश्वासन पर अनुमंडल बन गया। आज तक सिर्फ आश्वासन छोड़कर हम लोग को कुछ नहीं मिला। अनुमंडल का दर्जा नहीं मिलने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं अनुमंडल निर्माण संघर्ष समिति के बिनोद बिहारी गुप्ता ने कहा कि आज तक चुनावी मुद्दा बनकर रह गया अनुमंडल बनने का सपना। अनुमंडल बनने से के लोगों को अनुमंडल से जुड़े कार्यों को लेकर लातेहार नहीं जाना पड़ता। जबकि हमलोग कई बार इस मुद्दे को लेकर जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया जा चुका है। वहीं बालूमाथ झारखंड मुक्ति मोर्चा अध्यक्ष प्रदीप गंझू, अबुल भाई,सांसद गंगेश्वर यादव , विधायक प्रतिनिधि संजय यादव,समाजसेवी मो मोजमील साहब,आशिष भारद्वाज, ओमप्रकाश गुप्ता, सत्येन्द्र यादव,संजीत साहु, ग्राम प्रधान भुनेश्वर साहू , गोपाल कुशवाहा, गोपाल चंद्र यादव,डा रोहन गोप ,शशिभूषण कुशवाहाआदि ने कहा कि यह सही है की आज तक बालूमाथ को अनुमंडल बनाने से लोगों को राहत मिलेगी। परन्तु आज तक किसी ने ध्यान नहीं दिया।

