रांची के सदर अस्पताल के सर्जरी विभाग में गुरुवार को नई लेजर मशीन की स्थापना की गई। इससे पहले भी डेमो मशीन के द्वारा सदर हॉस्पिटल रांची में लेजर विधि की ओर से ऑपरेशन किया गया है। लेकिन आज सदर अस्पताल में अपनी नई मशीन की स्थापना के बाद दो मरीजों का इलाज किया गया। यह जानकारी सदर अस्पताल के लेप्रोस्कोपिक एवं मिनिमली इनवेसिव सर्जन डॉ अजीत कुमार ने दी।
उन्होंने बताया कि लेजर मशीन से बवासीर, फिस्टुला, फिशर, वेरीकोस वेन, पायलो नीडल साइनस और खतना के ऑपरेशन किए जा सकते हैं। इसके अलावा इसका इस्तेमाल कॉस्मेटिक सर्जरी ,महिला एवं प्रसूति विभाग, ईएनटी विभाग, पेन मैनेजमेंट में भी किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि आज जिन दो मरीजों का इलाज आयुष्मान योजना के द्वारा किया गया। उसमें पहली मरीज धुर्वा की रहने वाली है। उन्होंने बताया कि वह पिछले पांच महीने से मलद्वार के रास्ते रक्त स्राव एवं अत्यधिक दर्द से परेशान थी।
इस मरीज का इलाज लेजर विधि के द्वारा किया गया। मरीज का ऑपरेशन बिना चीरा के हो गया और शुक्रवार को मरीज की छुट्टी भी कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि दूसरे मरीज जिनका लेजर विधि के द्वारा ऑपरेशन हुआ। वह बिहार के औरंगाबाद से आए हुए थे।
उनको अंडकोष के नीचे पिछले छह महीने से एक छेद के द्वारा लगातार पानी आ रहा था, जिसके कारण मरीज काफी परेशान थे। असल में यह चार सेंटीमीटर का एक साइनस ट्रैक्ट था। इनका भी इलाज बिना चीरा के लेजर विधि के द्वारा किया गया और आज ही मरीज को छुट्टी भी दे दी गई।
दोनों मरीज अभी स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन में डॉ नीरज कुमार, ओटी असिस्टेंट सुशील, प्रणव ,नीरज आदि शामिल थे। पूरा ऑपरेशन अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ सब्यसाची मंडल, वरीय सर्जन डॉ आरके सिंह और डॉ एके झा की निगरानी में हुआ।