Close Menu
Azad SipahiAzad Sipahi
    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
    Saturday, May 2
    • Jharkhand Top News
    • Azad Sipahi Digital
    • रांची
    • हाई-टेक्नो
      • विज्ञान
      • गैजेट्स
      • मोबाइल
      • ऑटोमुविट
    • राज्य
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
    • रोचक पोस्ट
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • e-Paper
    • Top Story
    • DMCA
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Azad SipahiAzad Sipahi
    • होम
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खलारी
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुर
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ़
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सरायकेला-खरसावाँ
      • साहिबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • विशेष
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • देश
    • दुनिया
    • राजनीति
    • राज्य
      • मध्य प्रदेश
    • स्पोर्ट्स
      • हॉकी
      • क्रिकेट
      • टेनिस
      • फुटबॉल
      • अन्य खेल
    • YouTube
    • ई-पेपर
    Azad SipahiAzad Sipahi
    Home»Top Story»सबसे वजनी जीएसएलवी मार्क-3 की सफल लॉन्चिंग कर इतराया भारत
    Top Story

    सबसे वजनी जीएसएलवी मार्क-3 की सफल लॉन्चिंग कर इतराया भारत

    आजाद सिपाहीBy आजाद सिपाहीJune 5, 2017No Comments2 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram LinkedIn Pinterest Email

    श्रीहरिकोटा: भारत ने सोमवार को अपने सबसे वजनी जीएसएलवी मार्क-3 रॉकेट को श्रीहरिकोटा से अंतरिक्ष के लिए छोड़ा।जीएसएलवी मार्क-3 अपने साथ 3,136 किलोग्राम वजनी संचार उपग्रह लेकर गया है, जिसे वह कक्षा में स्थापित करेगा।

    जीएसएलवी श्रृंखला के इस सबसे वजनी रॉकेट जीएसएलवी मार्क-3 ने सोमवार को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लॉन्च पैड से अपराह्न 5.28 बजे पहली बार उड़ान भरी।

    43.43 मीटर लंबा और 640 टन वजनी यह रॉकेट 16 मिनट में अपनी यात्रा पूरी कर लेगा और पृथ्वी की सतह से 179 किलोमीटर की ऊंचाई पर जीसैट-19 को उसकी कक्षा में स्थापित कर देगा।

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अनुसार, जीसैट-19 एक मल्टी-बीम उपग्रह है, जिसमें का एवं कू बैंड संचार ट्रांसपोंडर लगे हैं। इसके अलावा इसमें भूस्थैतिक विकिरण स्पेक्ट्रोमीटर (जीआरएएसपी) लगा है, जो आवेशित कणों की प्रकृति का अध्ययन एवं निगरानी करेगी और अंतरिक्ष विकिरण के उपग्रहों और उसमें लगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन भी करेगा।

    इस उपग्रह की कार्य अवधि 10 वर्ष है। इसमें अत्याधुनिक अंतरिक्षयान प्रौद्योगिकी का भी इस्तेमाल किया गया है और यह स्वदेश निर्मित लीथियम ऑयन बैट्री से संचालित होगा।

    वहीं जीएसएलवी मार्क-3 त्रिस्तरीय इंजन वाला रॉकेट है। पहले स्तर का इंजन ठोस ईंधन पर काम करता है, जबकि इसमें लगे दो मोटर तरल ईंधन से चलते हैं। रॉकेट का दूसरे स्तर का इंजन तरल ईंधन से संचालित होता है, जबकि तीसरे स्तर पर लगा इंजन क्रायोजेनिक इंजन है।

    विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र के निदेशक के. सिवन ने आईएएनएस से कहा, “रॉकेट की भारवहन क्षमता चार टन तक है। इस रॉकेट की भविष्य की उड़ानों में भारवहन क्षमता को और बढ़ाया जाएगा।”

    इसरो 2014 में क्रायोजेनिक इंजन से रहित इसी तरह का रॉकेट प्रक्षेपित कर चुका है, जिसका उद्देश्य रॉकेट की संरचनागत स्थिरता और उड़ान के दौरान गतिकी का अध्ययन करना था।

    इसरो के अधिकारियों ने बताया कि रॉकेट के व्यास में विभिन्न स्तरों पर वृद्धि की गई है, जिसके चलते इसकी ऊंचाई कम की जा सकी, जबकि इसका भार काफी अधिक है। इसरो के एक अधिकारी ने कहा, “नया रॉकेट थोड़ा छोटा है, लेकिन इसकी क्षमता कहीं अधिक है।”

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Article‘हिंदी मीडियम’ की कमाई 50 करोड़ के पार
    Next Article ओला शेयर में साल भर में 500 फीसदी वृद्धि
    आजाद सिपाही
    • Website
    • Facebook

    Related Posts

    झारखंड जनगणना-2027 का आगाज़: CM हेमंत सोरेन ने किया सेल्फ एन्यूमरेशन, जनता से सक्रिय भागीदारी की अपील

    May 2, 2026

    JAC 10वीं टॉपर शिवांगी के सपनों को मिला पंख, DC कंचन सिंह ने उठाया पढ़ाई का जिम्मा

    May 2, 2026

    उत्पाद विभाग की छापेमारी में एक गिरफ्तार, अवैध शराब भट्टी ध्वस्त

    May 2, 2026
    Add A Comment

    Comments are closed.

    Recent Posts
    • देशभर में ‘सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम’ का सफल परीक्षण, आपदा के समय तुरंत पहुंचेगी सूचना
    • झारखंड जनगणना-2027 का आगाज़: CM हेमंत सोरेन ने किया सेल्फ एन्यूमरेशन, जनता से सक्रिय भागीदारी की अपील
    • JAC 10वीं टॉपर शिवांगी के सपनों को मिला पंख, DC कंचन सिंह ने उठाया पढ़ाई का जिम्मा
    • नेपाल में अतिक्रमण हटाने के लिए आज भी चल रहा है बालेन का बुलडोजर
    • नेपाल दौरे मेंं अमेरिकी विशेष दूत ने सत्तारूढ़ दल के अध्यक्ष से की मुलाकात
    Read ePaper

    City Edition

    Follow up on twitter
    Tweets by azad_sipahi
    Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

    Palamu Division

    • Garhwa
    • Palamu
    • Latehar

    Kolhan Division

    • West Singhbhum
    • East Singhbhum
    • Seraikela Kharsawan

    North Chotanagpur Division

    • Chatra
    • Hazaribag
    • Giridih
    • Koderma
    • Dhanbad
    • Bokaro
    • Ramgarh

    South Chotanagpur Division

    • Ranchi
    • Lohardaga
    • Gumla
    • Simdega
    • Khunti

    Santhal Pargana Division

    • Deoghar
    • Jamtara
    • Dumka
    • Godda
    • Pakur
    • Sahebganj

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    © 2026 AzadSipahi. Designed by Launching Press.
    • Privacy Policy
    • Terms
    • Accessibility

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Go to mobile version