रांची। झारखंड में एंबुलेंस सेवा दूसरे दिन भी ठप रहा। एंबुलेंस ठप हो जाने से मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एंबुलेंस कर्मचारी वेतन भुगतान न होने से नाराज हैं और हड़ताल पर चले गए हैं। इससे राज्य में संचालित करीब 500 एंबुलेंस का परिचालन बंद हो गया है। सोमवार को सैकड़ों कर्मचारियों ने स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के मोरहाबादी स्थित आवास का घेराव किया। कर्मचारियों का कहना है कि जब पुरानी कंपनी मेसर्स जिकित्जा हेल्थ केयर लिमिटेड की जगह पर सिकंदराबाद की कंपनी इएमआरआइ ग्रीन हेल्थ सर्विसेज काम कर रही थी। निविदा समाप्त होने पर मेसर्स जिकित्जा ने दो महीने का वेतन नहीं दिया है। वहीं इएमआरआइ ग्रीन हेल्थ सर्विसेज की भी निविदा समाप्त होने पर नयी एजेंसी मेसर्स सम्मान फाउंडेशन को काम सौंपा गया है। कर्मचारियों को भय है कि एजेंसी के बदलने के बाद सितंबर माह का वेतन भी लंबित नहीं हो जाये। वहीं उनका कहना है कि उन्हें पीएफ की सुविधा भी नहीं मिलती है। काम करने का कोई समय नहीं है, 12 घंटे की ड्यूटी होने के बावजूद उन्हें अधिक समय तक काम करना पड़ता है। वहीं कर्मचारी स्थाई करने की भी मांग कर रहे हैं। उनका कहना है, जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे।
बता दें कि राज्य में इस एजेंसी से करीब 1500 कर्मचारी जुड़े हुए हैं। शनिवार को ही एजेंसी से जुड़े कर्मचारियों ने काम प्रभावित करना शुरू कर दिया था। लेकिन इसका असर रविवार से पड़ने लगा। वहीं इएमआरआइ ग्रीन का 40 करोड़ रुपये भी बकाया है। जिसके भुगतान के लिए स्वास्थ्य विभाग से लगातार पत्राचार चल रहा है।