नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मणिपुर में पिछले 1 साल से जारी राष्ट्रपति शासन को तत्काल प्रभाव से हटा लिया है। इसके साथ ही राज्य में फिर से भाजपा के नेतृत्व वाले राजग गठबंधन की सरकार बनने जा रही है। गृह मंत्रालय ने बुधवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 356 के अनुबंध 2 के तहत 13 फरवरी 2025 को मणिपुर राज्य से जुड़ी घोषणा को वापस ले लिया है।
दिल्ली में एकदिन पूर्व मंगलवार को युमनाम खेमचंद सिंह को भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया था। उनके नेतृत्व में आज राजग के वरिष्ठ नेताओं ने मणिपुर के राज्यपाल अजय भल्ला से मुलाकात की और भाजपा नेतृत्व वाले गठबंधन के सरकार गठन के लिए समर्थन पत्र सौंपा। दिल्ली में पार्टी विधायकों की बैठक के बाद भाजपा नेता सिंह को नेता चुना गया। बाद में केंद्रीय पर्यवेक्षक तरुण चुघ ने पारंपरिक पटका पहनाकर उनका स्वागत किया। इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह, मणिपुर प्रदेश अध्यक्ष अधिकारिमयूम शारदा देवी और पूर्वोत्तर के प्रभारी संबित पात्रा भी मौजूद रहे।
भाजपा विधायक युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। पिछले साल फरवरी में जातीय हिंसा से ग्रस्त मणिपुर में तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राष्ट्रपति शासन लगाया गया था और बाद में इसे छह माह आगे बढ़ाया गया था। राज्य में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय संघर्ष में हजारों लोग विस्थापित और सैकड़ों लोग मारे गए थे। उल्लेखनीय है कि मणिपुर की राजनीति में गहरी पैठ रखने वाले अनुभवी राजनेता युमनाम खेमचंद सिंह इंफाल पश्चिम जिले की सिंगजामेई सीट से दो बार मणिपुर विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं। उन्होंने साल 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की।

