पटना। बिहार सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट पर जन सुराज ने गहरी चिंता व्यक्त की है। जन सुराज पार्टी कार्यालय में बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि राज्य का बजट भाषण मात्र 11 मिनट 43 सेकंड में समाप्त हो गया, जो यह दर्शाता है कि सरकार बिहार और बिहार के लोगों के प्रति कितनी गंभीर है। प्रेस वार्ता में जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती, राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरभ कुमार, मीडिया प्रभारी ओबैदुर रहमान ने मीडिया को संबोधित किया।
इस दौरान सौरभ कुमार ने कहा कि जन सुराज ने सवाल उठाया है कि क्या बिहार जैसे बड़े राज्य के भविष्य से जुड़े बजट के लिए सिर्फ 12 मिनट का समय देना उचित है? यह रवैया साफ तौर पर बताता है कि वित्त मंत्री और राज्य सरकार बिहार के विकास और जनहित को लेकर कितनी लापरवाह है। वहीं, वर्ष 2025 में प्रति व्यक्ति आय 68,624 रुपए थी, जो 2026 में मात्र 20 रुपए बढ़ी है। यह वृद्धि न के बराबर है और राज्य की आर्थिक स्थिति की वास्तविक तस्वीर दिखाती है। सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बजट कटौती की है, जबकि कल्याण योजनाओं पर खर्च बढ़ाकर 38 हजार करोड़ से 58,909 करोड़ रुपए कर दिया गया है।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि यह प्राथमिकताओं का गंभीर असंतुलन दर्शाता है। पार्टी ने यह भी कहा कि पूरे देश में सबसे कम राजकोषीय घाटा बिहार का है, बावजूद इसके राज्य पहले से ही 50 हजार करोड़ रुपए के कर्ज में है। ऐसे में सरकार द्वारा डेढ़ करोड़ महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की योजना कितनी व्यावहारिक होगी, यह बड़ा सवाल है?
जन सुराज ने सरकार से पूछा कि अगले 5 वर्षों में बिहार में रोजगार और नौकरियां किस सेक्टर में सृजित की जाएंगी? मौजूदा हालात में यदि केंद्र सरकार ने सहयोग से हाथ खींच लिए, तो 12 प्रतिशत राजकोषीय घाटा के साथ बिहार अगले 5 वर्षों में आर्थिक रूप से दिवालिया होने की स्थिति में पहुंच सकता है। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने कहा कि 8 फरवरी से प्रशांत किशोर बिहार भ्रमण पर निकलेंगे, जहां वे राज्य के विभिन्न जिलों में जनता से संवाद करेंगे और बजट व राज्य की मौजूदा परिस्थितियों पर सीधा फीडबैक लेंगे। जन सुराज ने स्पष्ट किया कि यह बजट बिहार की वास्तविक जरूरतों और चुनौतियों का समाधान नहीं देता और पार्टी जनता के मुद्दों को लेकर आगे भी मजबूती से आवाज उठाती रहेगी।

