Close Menu
Azad SipahiAzad Sipahi
    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
    Monday, April 27
    • Jharkhand Top News
    • Azad Sipahi Digital
    • रांची
    • हाई-टेक्नो
      • विज्ञान
      • गैजेट्स
      • मोबाइल
      • ऑटोमुविट
    • राज्य
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
    • रोचक पोस्ट
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • e-Paper
    • Top Story
    • DMCA
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Azad SipahiAzad Sipahi
    • होम
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खलारी
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुर
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ़
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सरायकेला-खरसावाँ
      • साहिबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • विशेष
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • देश
    • दुनिया
    • राजनीति
    • राज्य
      • मध्य प्रदेश
    • स्पोर्ट्स
      • हॉकी
      • क्रिकेट
      • टेनिस
      • फुटबॉल
      • अन्य खेल
    • YouTube
    • ई-पेपर
    Azad SipahiAzad Sipahi
    Home»Breaking News»भारत 32 साल पुराने समझौते का हवाला देकर पाकिस्तान से मांगेगा जैश आतंकवादी का ब्योरा
    Breaking News

    भारत 32 साल पुराने समझौते का हवाला देकर पाकिस्तान से मांगेगा जैश आतंकवादी का ब्योरा

    azad sipahiBy azad sipahiAugust 5, 2018No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram LinkedIn Pinterest Email

    नयी दिल्ली : भारत 32 साल पुराने राष्ट्रमंडल समझौते का हवाला देते हुए सुंजवां सैन्य शिविर पर हुए आतंकी हमले के सरगना जैश ए मोहम्मद के कुख्यात आतंकवादी मुफ्ती वकास के बारे में पाकिस्तान से विस्तृत जानकारी मांगने की योजना बना रहा है. भारत के इस कदम से सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 1267 के तहत आतंकवादी संगठन जैश ए मोहम्मद और इसके सरगना मौलाना मसूद अजहर को प्रतिबंधित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र में ताजा अपील करने में मदद मिलेगी. भारत ने पहले इसके लिए संयुक्त राष्ट्र में अपील की थी लेकिन चीन ने अड़ंगा लगा दिया था. केंद्रीय गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार पाकिस्तान से आग्रह करने के लिए आपराधिक मामलों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर राष्ट्रमंडल समझौते के तहत संबंधित दस्तावेज तैयार किये जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि इस समझौते के तहत राष्ट्रमंडल देश ऐसे मुद्दों पर परस्पर कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए बाध्य हैं.
    जिम्बाब्वे की राजधानी हरारे में 1986 में हुई राष्ट्रमंडल देशों के कानून मंत्रियों की बैठक में मूल रूप से इस समझौते को स्वीकार किया गया था. अधिकारियों ने बताया कि इस समझौते का हवाला देते हुए भारत पाकिस्तान से मुफ्ती वकास के बारे में विस्तृत ब्योरा मांगेगा.
    जम्मू कश्मीर के अवंतीपुरा इलाके में इस साल मार्च में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में वकास मारा गया था. उन्होंने बताया कि इस विस्तृत ब्योरे में वे फोन नंबर भी शामिल हैं जिनपर 10 फरवरी को सुंजवां सैन्य शिविर पर आतंकवादी हमले के पहले और बाद में वकास ने फोन किया था. इस हमले में छह सैनिक शहीद हो गए थे जबकि एक आम नागरिक की भी मौत हो गयी थी.
    हमले में तीन आतंकवादी भी मारे गए थे. अधिकारियों ने बताया कि 2011 में ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में राष्ट्रमंडल देशों के कानून मंत्रियों की बैठक में हरारे समझौते में हुए संशोधन का हवाला देते हुए, अगर जरूरी हुआ तो, भारत वीडियो कॉल के माध्यम से संभावित गवाहों के बयान की रिकॉर्डिंग के विवरण की भी मांग करेगा.
    सिडनी में राष्ट्रमंडल कानून मंत्रियों ने 2011 में दूरसंचार और डाक वस्तुओं को बीच में रोक कर जांच करने, इलेक्ट्रानिक निगरानी, जांच एवं न्यायिक प्रक्रियाओं के दौरान लाइव वीडियो लिंक का उपयोग और परिसंपत्ति की वसूली से संबंधित कुछ नए प्रावधानों में सहयोग की परिकल्पना करते हुए हरारे समझौते में संशोधन को अपनाया था. पाकिस्तानी नागिरक वकास ने 2017 में घुसपैठ कर कश्मीर घाटी में प्रवेश किया था. वह जैश ए मोहम्मद का अभियान कमांडर था. सुंजवां सैन्य शिविर पर हुए आतंकवादी हमला का सरगना होने के साथ ही वकास पिछले साल दक्षिण कश्मीर के लेथपुरा इलाके में केंद्रीय रिजर्व पुलिस के शिविर पर 30 और 31 दिसंबर की दरम्यानी रात हुए हमले में भी शामिल था. अधिकारियों के अनुसार वह अभियान प्रमुख के तौर पर काम करता था और उसने फिदाइन अथवा आत्मघाती हमलावरों को दक्षिण कश्मीर के त्राल इलाके से जम्मू रवाना किया था.

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Articleट्रक और पिकअप वैन में आमने-सामने की टक्कर, 12 लोग जख्मी
    Next Article मुजफ्फरपुर कांड में झूठ का सहारा लेकर राजनीति चमकाने में लगे हैं तेजस्वी : केसी त्यागी
    azad sipahi

      Related Posts

      गुजरात में आम आदमी पार्टी को झटका, प्रदेश महासचिव सागर रबारी ने दिया इस्तीफा

      April 27, 2026

      चार मई के बाद पश्चिम बंगाल में तेजी से शुरू होंगे रोजगार से जुड़े पांच काम : नरेंद्र मोदी

      April 27, 2026

      भारत, न्यूजीलैंड ने एफटीए पर किए हस्ताक्षर, 100 फीसदी भारतीय निर्यात टैक्स-फ्री

      April 27, 2026
      Add A Comment

      Comments are closed.

      Recent Posts
      • गुजरात में आम आदमी पार्टी को झटका, प्रदेश महासचिव सागर रबारी ने दिया इस्तीफा
      • चार मई के बाद पश्चिम बंगाल में तेजी से शुरू होंगे रोजगार से जुड़े पांच काम : नरेंद्र मोदी
      • भारत, न्यूजीलैंड ने एफटीए पर किए हस्ताक्षर, 100 फीसदी भारतीय निर्यात टैक्स-फ्री
      • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सिक्किम पहुंचे, भव्य स्वागत
      • ईरान का ‘मास्टरस्ट्रोक’: अमेरिका को भेजा होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का सशर्त प्रस्ताव, क्या टल जाएगा वैश्विक ऊर्जा संकट?
      Read ePaper

      City Edition

      Follow up on twitter
      Tweets by azad_sipahi
      Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

      Palamu Division

      • Garhwa
      • Palamu
      • Latehar

      Kolhan Division

      • West Singhbhum
      • East Singhbhum
      • Seraikela Kharsawan

      North Chotanagpur Division

      • Chatra
      • Hazaribag
      • Giridih
      • Koderma
      • Dhanbad
      • Bokaro
      • Ramgarh

      South Chotanagpur Division

      • Ranchi
      • Lohardaga
      • Gumla
      • Simdega
      • Khunti

      Santhal Pargana Division

      • Deoghar
      • Jamtara
      • Dumka
      • Godda
      • Pakur
      • Sahebganj

      Subscribe to Updates

      Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

      © 2026 AzadSipahi. Designed by Launching Press.
      • Privacy Policy
      • Terms
      • Accessibility

      Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

      Go to mobile version