कुवैत। पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष अब पड़ोसी देशों को भी अपनी चपेट में लेने लगा है। सोमवार को ईरान द्वारा कुवैत के एक प्रमुख बिजली और जल डिसेलिनेशन (विलवणीकरण) प्लांट पर किए गए हमले में एक भारतीय कर्मचारी की मौत हो गई। कुवैती अधिकारियों के अनुसार, यह हमला उस समय हुआ जब क्षेत्रीय तनाव अपने चरम पर है। इस हमले में प्लांट की सर्विस बिल्डिंग को भारी भौतिक नुकसान पहुंचा है।
14 मिसाइलों और 12 ड्रोनों से हमला कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि देश के हवाई क्षेत्र में 14 मिसाइलें और 12 घातक ड्रोन देखे गए थे। इनमें से कई ड्रोनों ने सैन्य शिविरों को भी निशाना बनाया, जिसमें 10 सैनिक घायल हुए हैं। बिजली मंत्रालय के अनुसार, हमले के तुरंत बाद आपातकालीन टीमों को राहत कार्य के लिए भेजा गया है ताकि पानी और बिजली की आपूर्ति बाधित न हो।
जमीनी हमले पर ईरान की बड़ी चेतावनी ईरान की संसद के स्पीकर ने कड़े लहजे में अमेरिका को चेतावनी दी है कि यदि ईरान पर कोई भी जमीनी हमला हुआ, तो क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सहयोगियों पर हमले और तेज कर दिए जाएंगे। गौरतलब है कि 28 फरवरी से शुरू हुआ यह युद्ध अब और भी आक्रामक रुख अख्तियार कर चुका है। दूसरी ओर, इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी दक्षिणी लेबनान में सैन्य कार्रवाई का दायरा बढ़ाने का ऐलान कर दिया है।
इस हमले ने खाड़ी देशों में काम कर रहे लाखों प्रवासियों, विशेषकर भारतीयों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है।

