नवादा। बिहार के नवादा जिले में आईआईटी छात्र धनराज की संदिग्ध मौत को लेकर गुरुवार को बड़ा हंगामा देखने को मिला। ककोलत पहाड़ स्थित अमझौर कुंड में डूबने से हुई मौत को परिजनों ने हत्या करार देते हुए नवादा समाहरणालय और प्रजातंत्र चौक को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर मामले को दबाने और आरोपियों को बचाने का गंभीर आरोप लगाया। मृतक छात्र के पिता और सीआरपीएफ जवान हेमंत राज ने बताया कि उन्हें असम में ड्यूटी के दौरान बेटे की मौत की सूचना मिली। इसके बाद वह नवादा पहुंचे, जहां करीब 36 घंटे की मशक्कत के बाद धनराज का शव ककोलत जलप्रपात के पास पहाड़ी कुंड से बरामद किया गया।
परिजनों का दावा है कि शव की स्थिति देखकर साफ प्रतीत होता है कि छात्र की हत्या की गई है। हेमंत राज ने आरोप लगाया कि रजौली थाना क्षेत्र के अंधरबारी गांव निवासी अमित कुमार और अकबरपुर थाना क्षेत्र के महानंदपुर गांव निवासी आनंद कुमार धनराज को पहाड़ी पर लेकर गए थे। बाद में डूबने की कहानी बनाकर हत्या के मामले को छिपाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि अगर मौत डूबने से होती तो शरीर में पानी मिलने के संकेत होते, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे परिवार को हत्या की आशंका और मजबूत लग रही है। परिजनों ने थाली थाना पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्य आरोपी को थाने में सम्मान के साथ रखा गया, जबकि पीड़ित परिवार को अपमानित कर भगा दिया गया।
पोस्टमार्टम के बाद सैकड़ों ग्रामीणों के साथ परिजनों ने नवादा शहर में सड़क जाम कर उच्चस्तरीय जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की। कई घंटे तक चले जाम के कारण शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही। जाम में स्कूली बच्चे, मरीज और आम लोग घंटों फंसे रहे। मृतक के पिता के मित्र अभय कुमार ने चेतावनी दी कि अगर निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

