भागलपुर। भागलपुर नगर निगम द्वारा शहर को जलजमाव की समस्या से राहत दिलाने के लिए करोड़ों रुपये की लागत से विभिन्न वार्डों में नालों का निर्माण कराया जा रहा है। हालांकि निर्माण कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। कई इलाकों में बनाए जा रहे नालों की ऊंचाई और डिजाइन को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि जिन नालों का निर्माण जलनिकासी को बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है, वही अब नई समस्याओं का कारण बनते दिखाई दे रहे हैं।
सबसे अधिक शिकायत वार्ड संख्या 34 के भीखनपुर स्थित आनंदबाग मोहल्ले से सामने आई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार सड़क के बीचों-बीच बनाए गए नाले की ऊंचाई सड़क स्तर से करीब तीन फीट अधिक है, जिससे घरों के सामने दीवार जैसी स्थिति बन गई है। लोगों का कहना है कि इससे घरों से निकलना, वाहनों का आवागमन और दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाले की ऊंचाई अधिक होने के कारण घरों का पानी बाहर नहीं निकल पाएगा। इसके विपरीत बारिश के दौरान नाले का पानी घरों में घुसने का खतरा बढ़ जाएगा। निवासियों का कहना है कि बरसात के दिनों में पूरा मोहल्ला टापू में तब्दील हो सकता है और जलजमाव की समस्या पहले से अधिक गंभीर रूप ले सकती है।
लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य शुरू होने के समय ही उन्होंने अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं, लेकिन उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया गया। साथ ही निर्माण स्थल पर इंजीनियरों की निगरानी नहीं होने और कार्य मिस्त्रियों के भरोसे कराए जाने की शिकायत भी सामने आई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कई स्थानों पर नालों को लंबे स्लैब से ढंक दिया गया है, जबकि पानी की निकासी के लिए पर्याप्त सुराख नहीं छोड़े गए हैं। इससे बारिश का पानी नालों तक पहुंचने में बाधित हो सकता है और सड़कों पर जलजमाव की स्थिति बन सकती है।
इस मामले में योजना शाखा के मो. रेहान अहमद ने कहा कि जहां स्लैब में पानी निकासी के लिए सुराख नहीं दिए गए हैं, वहां आवश्यक सुधार कराया जाएगा। वहीं मेयर डॉ. वसुंधरा लाल ने कहा कि मजबूत और प्रभावी नाला निर्माण के लिए अन्य राज्यों के सफल मॉडलों का अध्ययन कर नया और बेहतर एस्टीमेट तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा।

