नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मणिपुर में हुई हालिया घटना को लेकर केंद्र को घेरा है। उन्होंने कहा कि मणिपुर वर्षों से हिंसा की आग में जल रहा है और अब भी हालात सामान्य नहीं हो सके हैं। राज्य में राष्ट्रपति शासन भी लगाया गया था लेकिन स्थिति में कोई परिवर्तन देखने को नहीं मिला।
राहुल गांधी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर कहा कि मणिपुर में एक बार फिर नफरत और हिंसा की आग में 20 घर जलकर नष्ट हो गए। हजारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और अनगिनत परिवार उजड़ चुके हैं। मणिपुर जिस पीड़ा से गुजर रहा है, उसकी कल्पना करना भी कठिन है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह स्थिति केंद्र सरकार की विचारधारा का परिणाम है, जो लोगों को धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र और पहचान के आधार पर बांटती है। आज मणिपुर ही नहीं, बल्कि पूरा देश संवेदना की भी उम्मीद छोड़ चुका है।
राहुल गांधी ने कहा कि मणिपुर बेहतर भविष्य का हकदार है और इसके लिए समाज को जोड़ने की आवश्यकता है। देश को एकजुट रखने और विभाजनकारी राजनीति से ऊपर उठने की जरूरत है।
उल्लेखनीय है कि बुधवार को मणिपुर के कामजोंग जिले में भारत-म्यांमार सीमा के निकट नागा और कुकी समुदायों के बीच हुई झड़पों के दौरान 20 से अधिक घरों में आग लगा दी गई। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।

