कोडरमा। सतगावां प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्राओं ने विद्यालय में व्याप्त अव्यवस्था और खराब भोजन के खिलाफ शुक्रवार को जोरदार प्रदर्शन किया। करीब 300 छात्राओं ने विद्यालय से प्रखंड मुख्यालय तक लगभग 8 किलोमीटर पैदल मार्च किया। प्रदर्शन के दौरान कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ गयी और वे बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़ीं। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
मुख्य बिंदु :
- कस्तूरबा विद्यालय की करीब 300 छात्राओं ने निकाला पैदल मार्च
- खराब भोजन और बदहाल शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन
- कई छात्राएं रास्ते में हुईं बेहोश, सीएचसी में कराया गया भर्ती
- छात्राओं ने शिक्षकों और बुनियादी सुविधाओं की कमी का लगाया आरोप
- शिक्षा पदाधिकारी ने समस्याओं के जल्द समाधान का दिया आश्वासन
- मांगें पूरी नहीं होने पर उपायुक्त कार्यालय घेराव की चेतावनी
8 किलोमीटर पैदल चलकर प्रखंड कार्यालय पहुंचीं छात्राएं
विद्यालय की अव्यवस्था से नाराज छात्राओं ने हाथों में तख्तियां लेकर शुक्रवार को सड़क पर मार्च निकाला। प्रशासन की कथित निष्क्रियता के खिलाफ छात्राएं विद्यालय से करीब 8 किलोमीटर पैदल चलकर सतगावां प्रखंड कार्यालय पहुंचीं। इस दौरान छात्राओं ने “शिक्षा हमारा अधिकार है” और “हम बच्चियों ने ठाना है, अपना अधिकार पाना है” जैसे नारे लगाये।
मार्च के दौरान कई छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ गयी। कुछ छात्राएं बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़ीं। साथी छात्राओं और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।
विद्यालय में सुविधाओं की कमी का आरोप
छात्राओं का आरोप है कि विद्यालय में लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। छात्रा राधिका कुमारी ने बताया कि विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक, सफाईकर्मी और पीने के पानी जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है। खासकर कक्षा छह की छात्राओं की पढ़ाई ठीक से नहीं हो पा रही है।
छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें विद्यालय के शौचालयों की सफाई खुद करनी पड़ती है। इसके अलावा भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी छात्राओं में नाराजगी है। उनका कहना है कि खराब भोजन और अव्यवस्था के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शिक्षा पदाधिकारी ने दिया सुधार का भरोसा
छात्राओं के प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद शिक्षा पदाधिकारी मुकुल राज प्रखंड कार्यालय पहुंचे। उन्होंने छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और जल्द समाधान का आश्वासन दिया। अधिकारी ने कहा कि विद्यालय की सभी कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाये जायेंगे तथा जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करायी जायेंगी।
आश्वासन के बाद छात्राओं को वापस विद्यालय भेज दिया गया।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन की चेतावनी
हालांकि छात्राओं ने स्पष्ट किया कि केवल आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने विद्यालय में सभी विषयों के शिक्षकों की नियुक्ति, साफ-सफाई, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की।
छात्राओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अगले चरण में उपायुक्त कार्यालय का घेराव करेंगी। छात्राओं का कहना है कि विद्यालय की व्यवस्था में ठोस सुधार होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

