कोरोना महामारी के मद्देनजर कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक याचिका लगाई गई है जिसमें कोरोना का वैक्सीन बनने तक स्कूलों को बंद रखने की मांग की गई है। खबर है कि जल्द ही इस मामले पर सुनवाई हो सकती है। उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जुलाई महीने के बाद स्कूल खुलना की संभावना जताई थी।
उधर लंबे समय तक बंद रहने के बाद 11 जून से हाई कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई है। पहले दिन किसी भी अधिवक्ता ने सुनवाई में हिस्सा नहीं लिया। क्योंकि कोरोना संक्रमण का डर है और अधिवक्ताओं की मांग है कि वर्चुअल सुनवाई शुरू की जानी चाहिए। शुक्रवार को उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश टीबीएन राधाकृष्णन इसे लेकर अधिवक्ताओं के संगठन के साथ बैठक करेंगे। माना जा रहा है कि इसमें वर्चुअल सुनवाई पर सहमति बन सकती है। इसके बाद उम्मीद है कि सोमवार को इस पीआईएल पर सुनवाई हो सकती है। याचिकाकर्ता ने अपने आवेदन में कहा है कि कोरोनावायरस न केवल जानलेवा है बल्कि संक्रामक भी है। इसलिए जब तक इसकी वैक्सीन बनकर तैयार नहीं हो जाती है, तब तक बच्चों को स्कूल नहीं भेजा जाना चाहिए। इसलिए हाईकोर्ट निर्देश दे कि कोरोना की वैक्सीन बनने तक स्कूलों को बंद रखा जाए।