झारखंड विधानसभा में 65 प्लस का लक्ष्य लेकर उतरने की तैयारी कर रही सत्तारूढ़ भाजपा इस बार कोई रिस्क लेने के मूड में नहीं है। पार्टी ने लोकसभा चुनाव में बंपर जीत हासिल करने के बाद विधानसभा चुनाव में इस रिकॉर्ड को तोड़ने की तैयारी में है। ऐसे में स्वाभाविक तौर पर पार्टी नेतृत्व एक-एक सीट और एक-एक बूथ पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। पार्टी की चुनाव तैयारियों का अंदाजा इसी बात से मिल जाता है कि इसने एक-एक बूथ की मैपिंग कर ली है और एक-एक विधायकों के कामकाज के बारे में एक सर्वे रिपोर्ट तैयार कर ली है। इस सर्वे रिपोर्ट पर केंद्रीय चुनाव समिति मंथन कर रही है। पार्टी ने ऐसा ही सर्वे लोकसभा चुनाव से पहले भी किया था। चूंकि विधानसभा में सीटें अधिक हैं और चुनाव राज्य के मुद्दों पर होना है, इसलिए भाजपा इस सर्वे को तवज्जो दे रही है। इस सर्वे में भाजपा के कई विधायकों के कामकाज को असंतोषजनक पाया गया है। इसलिए पार्टी के विधायकों की नींद उड़ गयी है। भाजपा की सर्वे रिपोर्ट और इसके संभावित परिणाम पर नजर डालती दयानंद राय की खास पेशकश।