रांची। झारखंड में करे कोई और भरे कोई की कहावत सौ फीसदी चरितार्थ होती है। यही वजह है कि बड़े से बड़े मामलों में दोषी आइपीएस अधिकारियों तक जांच नहीं पहुंच पाती। उन्हें बचाने के लिए कई तरह की दलील दे दी जाती है। पुलिस महकमा जांच पर दो भाग में बंट जाता है। एक वैसे पुलिस अधिकारियों की लॉबी काम करने लगती है, जिनकी विश्वसनीयता पर हर बार सवाल खड़ा होता है। दूसरा वह गुट है, जो नियम की बात करता है और जिसकी छवि इमानदा