Browsing: why officers are not paying attention to the VIS Committees

झारखंड को जब पहली बार राजनीति की प्रयोगशाला कहा गया, तो बहुत से लोगों को इस पर आपत्ति हुई, लेकिन दो दिन पहले जब राज्य विधानसभा में सदन की विभिन्न समितियों के सभापतियों और सदस्यों की बैठक में कहा गया कि राज्य के अधिकारी इन समितियों को तवज्जो नहीं देते, तो उस कथन की सत्यता का एहसास लोगों को हुआ। यह बात कल्पना से परे है कि राज्य की सबसे बड़ी पंचायत की समितियों को अधिकारी महत्व नहीं देते और उसके बुलावे पर उपस्थित होने की जहमत तक नहीं उठाते। यह झारखंड में ही संभव है, क्योंकि अपने स्थापना काल से ही इस राज्य में कई राजनीतिक प्रयोग हुए हैं। हालांकि पांचवीं विधानसभा के लिए हुए चुनाव के बाद