कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजनीति नयी करवट ले रही है. 33 साल के लाल दुर्ग को भेदकर सत्ता में आयी तृणमूल पार्टी के कद्दावर नेता मुकुल रॉय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम चुके हैं. तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी के खिलाफ आग उगल रहे हैं. बंगाल में तृणमूल के सफाये और भाजपा के उदय की भविष्यवाणी कर रहे हैं. मुकुल ने कहा है कि तृणमूल कांग्रेस के लोग भाजपा को अपना काम करने से रोकते हैं.पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के रानी रासमणि रोड में हुई मुकुल की पहली सभा में वह भीड़ जुटाने में पास हो गये हैं. ‘दादा’ की इज्जत को किसी तरह का बट्टा न लगे, इसके लिए कई ‘दादा’ खुद तो अपने जिले से बाहर नहीं निकले, लेकिन अपने समर्थकों को मुकुल दा की रैली में जरूर भेजा. वजह एक ही. ‘दादा’ (मुकुल रॉय) की कृपा से ही तो उनकी दादागिरी चलती है. दादा ने ही तो उन्हें ‘दादा’ बनाया था. इसलिए मुकुल दा के सम्मान की रक्षा करना उनका दायित्व है.सूत्रों की मानें, तो मुकुल रॉय ने ऐसे लोगों को अलग-अलग जिलों में अपने समर्थकों के पास भेजा था, जिनकी पहचान उस जिले के भाजपा नेता के रूप में नहीं है. इसलिए उत्तर बंगाल से लेकर दक्षिण बंगाल तक की ट्रेनों में भर-भर कर लोग कोलकाता पहुंचे हैं. मुकुल रॉय की पहली रैली में लोगों की भारी भीड़ पहुंची है. लोग नरेंद्र मोदी जिंदाबाद, अमित शाह जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं.
Palamu Division
Kolhan Division
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
© 2026 AzadSipahi. Designed by Launching Press.



