रांची। मुख्यमंत्री के काफिले पर हमला करने के मामले की जांच तेज कर दी गयी है। शनिवार को दो सदस्यीय हाई लेवल कमेटी ने रांची के डीसी, एसएसपी, टैÑफिक एसपी से साढ़े तीन घंटे तक पूछताछ की। इस क्रम में कोतवाली और सुखदेवनगर के पूर्व थानेदारों से भी पूछताछ की गयी। कमेटी ने यह जानना चाहा कि इतनी बड़ी घटना के लिए आखिर जवाबदेह कौन अधिकारी है। किसके स्तर से चूक हुई है। इस मामले में सभी एक-दूसरे पर आरोप मढ़ते दिखे। जिला प्रशासन ने पूरा मामला सुरक्षा का बताते हुए पुलिस पर फेंक दिया है। वहीं पुलिस में भी दो भाग हो गये हैं। जिला पुलिस के अधिकारी इसे ट्रÑैफिक का मामला बता रहे थे, तो ट्रैफिक सुरक्षा का हवाला देकर जिला पुलिस का। ट्रैफिक के अधिकारियों का कहना था कि उनका काम सड़क क्लियर कराना है न की विधि व्यवस्था को संभालना। एक थानेदार को सीएम के मूवमेंट की जानकारी तक नहीं थी।
पूछताछ के बाद मीडिया से बातचीत में सचिव केके सोन ने कहा कि पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी जुटायी जा रही है। करीब 3.30 घंटे तक सभी का पक्ष लिया गया। स्थानीय लोगों और आम लोगों से भी बातचीत की गयी है। मौके पर मौजूद लोगों से भी घटनाक्रम का विवरण लिया गया। कमेटी की जांच जारी है। जल्द ही कमेटी अपनी रिपोर्ट देगी।
क्या है मामला : चार जनवरी को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का काफिला प्रोजेक्ट भवन से कांके रोड स्थित सीएम आवास लौट रहा था। इसी दौरान किशोरगंज चौक के पास ओरमांझी की घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन में शामिल कुछ उपद्रवियों ने सुनियोजित साजिश के तहत काफिले पर हमला कर दिया था। इसमें एक वाहन को क्षति पहुंची थी। हालांकि रांची पुलिस ने मुख्यमंत्री के काफिले को रूट डायवर्ट कर मुख्यमंत्री आवास पहुंचाया था। इसके बाद इस मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय हाइलेवल कमेटी बनायी गयी है।

सुखदेवनगर और कोतवाली थाना प्रभारी हटाये गये
सीएम सुरक्षा में कोताही बरतने के आरोप में सुखदेवनगर थाना प्रभारी सुनील तिवारी और कोतवाली थाना प्रभारी बृज कुमार को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इनके स्थान पर डोरंडा के थाना प्रभारी शैलेश प्रसाद को कोतवाली का नया थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं ममता कुमारी को सुखदेवनगर का थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं रमेश सिंह को डोरंडा का नया थाना प्रभारी बनाया गया है।

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