प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘मालगाड़ियों के लिए पृथक गलियारे’ को देश के तीव्र विकास का कॉरिडोर बताते हुए कहा कि ये केवल मालगाड़ियों के लिए आधुनिक रूट नहीं हैं बल्कि इनसे किसानों, छोटे उद्योगों और कारोबारियों को भी लाभ मिलेगा।
मोदी ने गुरुवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जापान के आर्थिक सहयोग से निर्मित पश्चिमी समर्पित फ्रेट कॉरिडोर (डब्ल्यूडीएफसी) के 306 किलोमीटर लम्बे न्यू रेवाड़ी-न्यू मदार खंड का उद्घाटन किया। उन्होंने इस दौरान न्यू अटेली से न्यू किशनगढ़ के लिए इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन से चलने वाली दुनिया की पहली दो मंजिला (1.5 किलोमीटर लंबी कंटेनर ट्रेन) को भी हरी झंडी दिखाई। इसके साथ ही भारत दुनिया के चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है। 5800 करोड़ रुपये की लागत तैयार न्यू रेवाड़ी-न्यू मदार खंड का 79 प्रतिशत हिस्सा हरियाणा और 227 किमी राजस्थान से होकर गुजरता है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले प्रधानमंत्री ने 29 दिसम्बर, 2020 को ईडीएफसी के 351 किलोमीटर लम्बे न्यू भाऊपुर-न्यू खुर्जा खंड को देश को समर्पित किया था। इससे एक दिन पहले 28 दिसम्बर को प्रधानमंत्री ने देश को 100वीं किसान रेल की सौगात दी थी।
समर्पित फ्रेट कॉरिडोर 9 राज्यों में 133 रेलवे स्टेशनों को करेगा कवर
समर्पित फ्रेट कॉरिडोर के लाभ के बारे में बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह 9 राज्यों में 133 रेलवे स्टेशनों को कवर करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का दिन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), हरियाणा और राजस्थान के किसानों, उद्यमियों, व्यापारियों के लिए नए अवसर लाया है। फ्रेट कॉरिडोर के आसपास कंटेनर हब, पार्सल हब, फ्रेट स्टेशन, लॉजिस्टिक सेंटर और कंटेनर डिपो जैसी नई व्यवस्थाएं विकसित होने वाली हैं। इसका लाभ किसानों, छोटे उद्योगों और कारोबारियों को होगा। उन्होंने कहा कि पूर्वी और पश्चिमी समर्पित माल गलियारों को भारत के लिए एक गेम-चेंजर के रूप में देखा जा रहा है। यह देश के विभिन्न हिस्सों में नए विकास केंद्रों को विकसित करने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि पश्चिमी माल गलियारा हरियाणा और राजस्थान में खेती और संबद्ध व्यवसाय को आसान बना देगा और महेंद्रगढ़, जयपुर, अजमेर और सीकर जैसे शहरों में भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेजी से पहुंच इन राज्यों की विनिर्माण इकाइयों और उद्यमियों के लिए बहुत कम लागत पर खुली है। गुजरात और महाराष्ट्र के बंदरगाहों के लिए तेजी से और सस्ती कनेक्टिविटी क्षेत्र में निवेश के नए अवसरों को बढ़ावा देगी। उन्होंने कहा कि गलियारा न केवल निर्माण क्षेत्र में बल्कि सीमेंट, इस्पात और परिवहन जैसे अन्य क्षेत्रों में भी रोजगार पैदा करता है।
किसानों के खाते में 18000 करोड़ रुपये से ज्यादा किए ट्रांसफर
मोदी ने कहा कि देश के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए चल रहे महायज्ञ ने एक नई गति हासिल की है। बीते कुछ दिनों की बात करें तो आधुनिक डिजिटल बुनियादी ढांचा के माध्यम से किसानों के खाते में 18000 करोड़ रुपये से ज्यादा ट्रांसफर किए गये हैं। उन्होंने कहा कि जब नए साल में देश का आगाज अच्छा है तो आने वाला समय भी शानदार और जानदार होना तय है।
2021 की शुरुआत से चल रहा है लोकार्पण का सिलसिला
प्रधानमंत्री ने पिछले दिनों स्वयं के द्वारा शुरू की कई परियोजनाओं और सौगातों का उल्लेख करते हुए कहा कि कोरोना संकट के दौर में भी देश को आधुनिक बनाने के लिए नई शुरुआत हो रही हैं। दिल्ली में एयरपोर्ट एक्सप्रेस मेट्रो लाइन पर नेशनल मोबिलिटी कार्ड और ड्राइवरलेस ट्रेन की शुरुआत हुई। दुनिया की बेहतरीन टेक्नोलॉजी के साथ देश के 6 शहरों में 6000 से अधिक घर बनाने का काम शुरू हुआ। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ दिनों पहले स्वीकृत कोरोना के लिए मेड इन इंडिया वैक्सीन ने लोगों में एक नया आत्मविश्वास पैदा किया है। 2021 की शुरुआत में ये चीजें आत्मनिर्भर भारत के अभियान को गति देगी। अब हर भारतीय का आह्वान है कि ना हम रुकेंगे ना थकेंगे।
फ्रेट कॉरिडोर से तीन गुना बढ़ी मालगाड़ियों की रफ्तार
मोदी ने कहा कि रेल नेटवर्क पर फोकस करने से भारतीय रेल की गति और दायरा भी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब नॉर्थ ईस्ट के प्रत्येक राज्य की राजधानी रेलवे से जुड़ जाएगी। देश के पहले ‘मालगाड़ियों के लिए पृथक गलियारे’ ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि 1875 किमी लम्बे ईडीएफसी के 351 किलोमीटर लम्बे न्यू भाऊपुर- न्यू खुर्जा सेक्शन पर मालगाड़ियों ने 90 किमी प्रति घंटा से भी अधिक की गति से दौड़ना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि मालगाड़ियों की रफ्तार अब 25 किमी प्रति घंटा से तीन गुना बढ़ गई है।
मोदी ने जापान को बताया भारत का भरोसेमंद मित्र
फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण में जापान के सहयोग का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि भारत की विकास यात्रा के दौरान, जापान और उसके लोग हमारे साथ भरोसेमंद मित्र की तरह खड़े हुए हैं। पश्चिमी समर्पित फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण में भी, जापान ने हमें वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान की है। मैं जापान और उसके लोगों को धन्यवाद देता हूं।
इस मौके पर हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, भारत में जापान के राजदूत सतोशी सुजुकी, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, गजेन्द्र सिंह शेखावत, अर्जुन राम मेघवाल, कैलाश चौधरी, राव इंद्रजीत सिंह, रतन लाल कटारिया और कृष्णपाल गुर्जर उपस्थित थे।