प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग माध्यम से बैठक करके टीके लगाने को लेकर की जा रही तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि प्रथम चरण में तीन करोड़ हेल्थ वर्कर्स के वैक्सीन का खर्च केंद्र सरकार देगी।
पीएम मोदी ने कहा कि हम बूथ लेवल पर तैयारी कर रहे हैं। वैक्सीन को लेकर अफवाह न फैले, इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकारों को सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि दुनिया के 50 देशों में तीन-चार सप्ताह से वैक्सीनेशन का काम चल रहा है लेकिन अब भी करीब-करीब 2.5 करोड़ लोगों को वैक्सीन लग पाई है। भारत में हमें अगले कुछ महीनों में लगभग 30 करोड़ आबादी के टीकाकरण का लक्ष्य हासिल करना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि टीकाकरण अभियान में सबसे अहम उनकी पहचान और मॉनीटरिंग का है जिनको टीका लगाना है। इसके लिए आधुनिक टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हुए को-विन नाम का एक डिजिटल प्लेटफॉर्म भी बनाया गया है। सभी राज्यों से सलाह करके टीकाकरण की प्राथमिकता तय की गई है। भारत की जरूरत के हिसाब से दोनों वैक्सीन बनाई गई है। उन्होंने कहा कि जिन दो वैक्सीन को इमरजेंसी इस्तेमाल की इजाजत दी गई है वे दोनों मेड इन इंडिया है। ये हमारे लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि 16 जनवरी से दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण शुरू होगा। चार और वैक्सीन पर देश में काम चल रहा है।
बता दें कि केंद्र सरकार की तरफ से आधिकारिक तौर पर सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को कोविशील्ड वैक्सीन सप्लाई करने का ऑर्डर दे दिया गया है।
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