-महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग ने बतायीं विभाग के चार वर्षों की उपलब्धियां और नवीन प्रयासों की दी जानकारी
रांची। झारखंड में ट्रांसजेंडर्स के उत्थान के लिए बोर्ड का गठन किया जायेगा। साथ ही प्रत्येक जिला में उपायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया जायेगा। वर्तमान में ट्रांसजेंडरों को ओबीसी-टू का दर्जा दिया गया है और विभाग उनके उत्थान के लिए एक समेकित योजना तैयार कर रहा है। उक्त जानकारी महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव कृपानंद झा सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय के कांफ्रेंस हॉल में पत्रकार वार्ता में कहीं।
महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव कृपानंद झा ने बताया कि विभागीय स्तर पर सामाजिक उत्थान की दिशा में मुख्यमंत्री के दिशा निर्देश पर विभिन्न स्तर पर सामाजिक सुरक्षा के तहत कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने विभाग की योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि सर्वजन पेंशन योजना के तहत राज्य में कुल नौ योजनाएं चलायी जा रही हैं, जिनमें तीन योजनाएं केंद्र संपोषित हैं तथा छह योजनाएं राज्य सरकार द्वारा संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पेंशनधारियों को ससमय लाभान्वित किया जा सके, इसके लिए सरकार ने अलग से 100 करोड़ का रिवॉल्विंग फंड का इंतजाम किया है। चार वर्षों में राज्य के पेंशनधारियों में 82 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है। 2023 में आपके अधिकार, आपकी सरकार, आपके द्वार कार्यक्रम के तहत कुल 6 लाख 56 हजार से ज्यादा पेंशन के आवेदन प्राप्त हुए हैं। 50 से 60 आयु वर्ग की एससी-एसटी महिलाएं भी वृद्धावस्था पेंशन के लिए पात्र होंगी। अतिरिक्त लाभार्थी की अपेक्षित संख्या लगभग 18 लाख है।
राज्य में सावित्रीबाइ फुले किशोरी समृद्धि योजना के तहत किसी कारणवश ड्रॉप आउट हो रही बच्चियों को प्रोत्साहित करने के लिए और उन्हें शिक्षित बनाने के लिए 2023-24 में अब तक 6 लाख 21 हजार लाभार्थियों को योजना से आच्छादित किया गया है। वहीं बीते 2022–23 में 7 लाख 28 हजार से ज्यादा बच्चियों एवं किशोरियों को लाभान्वित किया गया था।

6850 आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में किया जायेगा विकसित
श्री कृपानंद झा ने बताया कि राज्य में कुल 378 हजार 432 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 6850 केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में विकसित किया जायेगा। साथ ही 29 हजार से ज्यादा सेविकाओं को स्मार्ट मोबाइल उपलब्ध कराया जायेगा। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा 10 हजार से ज्यादा आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन का निर्माण डीएमएफटी/ सीएसआर फंड के तहत कराने की योजना है।
सेविकाओं और सहायिकाओं को सुविधा देने के साथ केंद्रों में प्रदाय सेवाओं को ज्यादा प्रभावकारी बनाने का प्रयास भी विभाग की ओर से किया जा रहा है। मातृ किट वितरण की योजना सरकार ने शुरू की है। साथ ही सेनेटरी नैपकिन का भी वितरण किया जायेगा। चालू वित्तीय वर्ष में 11 हजार 880 कन्याओं को विवाह पर आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी गयी है। विधि के उल्लंघन में लिप्त बच्चों के मामलों के निपटारा हेतु सृजित किशोर न्याय बोर्ड को बढ़ा कर 26 किया गया है, ताकि ऐसे मामलों में उचित एवं त्वरित निपटान किया जा सके। चाइल्ड इन कंफ्लिक्ट विद ला के लिए रांची जिले में 1107.23 लाख से 50 शैय्या वाले एक प्लेस आफ सेप्टी के निर्माण की योजना है। इसके तहत राज्य के तीन जिला दुमका, पलामू और लातेहार में ऐसे तीन होम तैयार किये जाने की योजना है, जिसमें एक ही कैंपस में ओल्ड एज होम और चिल्ड्रेन होम होंगे।

जल्द भरी जायेंगी रिक्तियां
विभाग के अधीन बाल विकास परियोजना के रिक्त पदों में विरुद्ध 64 पदों पर तथा महिला पर्यवेक्षिकाओं के रिक्त पदों के विरुद्ध 444 पदों पर नियुक्ति संबंधी कार्रवाई की जा रही है। इन रिक्त पदों को भरने के लिए जेपीएससी और जेएसएससी की सहायता ली जायेगी।

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