-प्रेस कांफ्रेंस कर झामुमो महासचिव ने इडी और भाजपा पर लगाया आरोप
रांची। राज्य में इडी को लेकर राजनीति रुक नहीं रही है। इडी नेताओं और अधिकारियों को समन जारी कर पूछताछ के लिए बुला रही है, पर इसका असर अब दूसरा ही देखने को मिल रहा है। राज्य में इंडी गठबंधन की सरकार इसे बदले की भावना की कार्रवाई बता रही है। बीजेपी इसे राज्य में बढ़ रहे भ्रष्टाचार पर करारी चोट बता रही है।
वहीं इडी की ओर से जारी समन पर जेएमएम के केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि 2024 चुनावी वर्ष है। तीन से छह महीना उसके लिए महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान राजनीतिक दल की ओर से किये गये कामों का प्रचार-प्रसार किया जाता है। लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया मई तक पूरी कर लेनी है। लेकिन इससे ठीक पहले केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई पूरी तरह से दर्शाता है कि पहले धर्म के नाम पर, संप्रदाय के नाम पर और इडी की कार्रवाई के नाम पर डराया जा रहा है। छत्तीसगढ़ और राजस्थान में चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद भी इडी की कार्रवाई चलती रही। जिसका फायदा बीजेपी को मिला और ऐसा ही अब झारखंड में किया जा रहा है। हम लड़नेवाले लोग हैं और लड़ते रहेंगे। इडी के समन/नोटिस की जानकारी बाहर कैसे निकल कर सामने आती है। जबकि यह जानकारी पब्लिक डोमेन में नहीं डाली जाती है। इससे यही जाहिर होता है कि राज्य सरकार को परेशान करने के लिए किया जाता है। राज्य की जनता के बीच इडी की इस कार्रवाई को लेकर आक्रोश है। इडी सिर्फ भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है। 14 जनवरी को इडी ने समन जारी किया, जबकि इस दिन सीएम कितना व्यस्त होते हैं, लेकिन उसके बाद भी समन जारी किया गया। इडी जानकारी दे कि किसके पास से क्या बरामद हुआ है। इडी के साथ हमें राजनीतिक लड़ाई लड़ने को मजबूर किया जा रहा है। इडी के खिलाफ लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इडी ने अगर इसे नहीं महसूसा, तो कहीं लोगों का आक्रोश बाहर न निकल कर आ जाये।
जनता में आक्रोश, इडी चेत जाये नहीं तो परिणाम भुगतना होगा : सुप्रियो भट्टाचार्य
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