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    Home»राजनीति»नए सदस्यों को सदन में विचार रखने के लिए दी जाएगी प्राथमिकताः नरेन्द्र सिंह तोमर
    राजनीति

    नए सदस्यों को सदन में विचार रखने के लिए दी जाएगी प्राथमिकताः नरेन्द्र सिंह तोमर

    azad sipahi deskBy azad sipahi deskJanuary 11, 2024No Comments2 Mins Read
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    – शून्यकाल में तात्कालिक घटना के विषयों को भी उठा सकेंगे सदस्यः विधानसभा अध्यक्ष
    भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा एवं लोकसभा (प्राइड) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 16वीं विधानसभा के नव निर्वाचित सदस्यों के दो दिवसीय प्रबोधन कायर्क्रम का बुधवार शाम को समापन हुआ। समापन सत्र को संबोधित करते हुए मप्र विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि आगामी 7 फरवरी से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में प्रथम बार निर्वाचित सदस्यों को सदन में बोलने की प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सदस्य को सदन में बोलने का अवसर मिले, इसके लिए हमें प्रयास करना चाहिए।

    तोमर ने कहा कि शून्यकाल में लिखित सूचनाओं पर बोलने का प्रावधान अभी है, किंतु आगामी सत्र में यह भी निर्धारित किया जाएगा कि शून्यकाल में महत्वपूर्ण तत्कालीन घटनाओं पर भी सदस्य अपनी बात रख सकेंगे। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम की सफलता में लोकसभा और विधानसभा सचिवालय की भूमिका को भी प्रतिपादित किया।

    विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने कहा कि इस बार 69 विधायक पहली बार चुन कर आए हैं। उन्हें एक पत्र भेजकर उनसे इस दो दिवसीय प्रबोधन का अनुभव लिया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि नए विधायकों के लिए एक और प्रबोधन कार्यक्रम अगर आवश्यक लगे तो उस दिशा में विचार करना चाहिए।

    समापन सत्र को संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर सांसद एवं सभापति विशेषाधिकार समिति सुनील सिंह, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीताशरण शर्मा, मप्र विधानसभा सचिवालय के प्रमुख सचिव एपी सिंह, विधानसभा के सदस्यगण, अधिकारीगण एवं पत्रकार उपस्थित थे।

    उल्लेखनीय है कि दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम की शुभारंभ मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की आथित्य में प्रारंभ हुआ था। प्रबोधन कार्यक्रम में उत्तरप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना, लोकसभ में लाभ के पदों पर गठित संयुक्त समिति के अध्यक्ष डॉ. सत्यपाल सिंह, लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरण शर्मा, पूर्व राज्यसभा सदस्य सुरेश पचौरी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र सिंह, झारखण्ड के सांसद एवं सभापति विशेषाधिकार समिति सुनील सिंह आदि ने संसदीय प्रक्रिया एवं सदन संचालन से संबंधित विभिन्न विषयों पर अपने ज्ञानवर्धक व्याख्यान विधानसभा के नव निर्वाचित सदस्यों को दिए।

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