पटना। पटना के कंकड़बाग स्थित शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की रहस्यमय मौत के मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया है। मुजफ्फरपुर के मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के. झा ने इस घटना पर राज्य व राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में अलग-अलग याचिकाएं दायर कर दी हैं। मृतका गायत्री कुमारी जहानाबाद जिले की निवासी थी, जो पटना में रहकर कोचिंग कर रही थी।
इस मामले में पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं। अधिवक्ता एस.के. झा का आरोप है कि शुरू में घटना को दबाने और इसे सीधे आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद सामने आए तथ्य, जिसमें शरीर पर चोट के निशान शामिल हैं, ने इस मामले को एक गंभीर आपराधिक घटना की ओर मोड़ दिया है। झा ने कहा कि यह सवाल खड़ा करता है कि क्या सच्चाई छिपाने का प्रयास हुआ, जो कि स्वयं एक दंडनीय अपराध है।
इन्हीं गंभीर आरोपों के मद्देनजर, मानवाधिकार अधिवक्ता ने मानवाधिकार आयोग से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच एक अवकाश-प्राप्त न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए। उन्होंने इस संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट और पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भी पत्र लिखकर न्यायिक हस्तक्षेप व न्याय की गुहार लगाई है। यह मामला एक बार फिर छात्राओं की हॉस्टल सुरक्षा और संवेदनशील मामलों में पारदर्शी जांच की मांग को केंद्र में ला रहा है।

