नई दिल्ली: नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती यानी ‘पराक्रम दिवस’ के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोला है। भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि आजादी के बाद दशकों तक एक सोची-समझी साजिश के तहत नेताजी के योगदान को इतिहास के पन्नों से ओझल करने के कुत्सित प्रयास किए गए।
‘आजाद भारत की पहली सरकार के प्रमुख थे नेताजी’ सुधांशु त्रिवेदी ने ऐतिहासिक तथ्यों को रखते हुए कहा कि 1943 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने भारत की पहली निर्वासित सरकार का गठन किया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जहाँ जवाहरलाल नेहरू ने ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड वेवल और माउंटबेटन से शपथ ली थी, वहीं नेताजी की सरकार पूरी तरह स्वतंत्र विचारों की प्रतीक थी। उन्होंने कहा कि भारत की स्वतंत्रता में नेताजी का योगदान अग्रणी और अविस्मरणीय है, लेकिन पिछली सरकारों ने उन्हें वह सम्मान नहीं दिया जिसके वे हकदार थे।
कांग्रेस की नीतियों पर उठाए सवाल भाजपा प्रवक्ता ने बाबा साहेब अंबेडकर के 1955 के एक इंटरव्यू का हवाला देते हुए कहा कि अंग्रेजों ने भारत इसलिए छोड़ा क्योंकि भारतीय सैनिकों की वफादारी ब्रिटिश ताज के प्रति खत्म हो गई थी और इसका श्रेय नेताजी को जाता है। उन्होंने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए पूछा कि जब 1939 में द्वितीय विश्व युद्ध शुरू हुआ और नेताजी दबाव बनाने की बात कह रहे थे, तो कांग्रेस ने तीन साल तक इंतजार क्यों किया? उन्होंने 1942 के कांग्रेस के प्रस्ताव का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ब्रिटिश फौज का समर्थन करने को तैयार थी।
ममता बनर्जी और TMC पर निशाना त्रिवेदी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि TMC भी ‘कांग्रेस के गोत्र’ की पार्टी है। उन्होंने सवाल किया कि तृणमूल को इतने वर्षों तक नेताजी का सम्मान याद क्यों नहीं आया? उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, “यदि ममता बनर्जी के मन में नेताजी के प्रति सम्मान है, तो उन्हें अपनी पार्टी के नाम से ‘कांग्रेस’ शब्द हटा देना चाहिए। अन्यथा बंगाल की प्रबुद्ध जनता उन्हें ‘तृणमूल’ (जड़-मूल) से उखाड़ फेंकेगी।”
मोदी सरकार में मिला सम्मान अंत में, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि 2018 में आजाद हिंद सरकार के 75 वर्ष पूरे होने पर लाल किले पर तिरंगा फहराना, गणतंत्र दिवस परेड में आजाद हिंद फौज के सैनिकों को शामिल करना और इंडिया गेट पर जॉर्ज पंचम की जगह नेताजी की भव्य प्रतिमा स्थापित करना इस बात का प्रमाण है कि वर्तमान सरकार नेताजी के गौरव को पुनर्जीवित कर रही है।

