लोहरदगा/रांची। कोयल नदी पर बने रेलवे पुल के स्पैन संख्या-5 में दरार मिलने के बाद दक्षिण पूर्व रेलवे ने सुरक्षा के मद्देनजर कड़े कदम उठाए हैं। रेलवे ने लोहरदगा रेलवे स्टेशन को मार्च तक के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है। इस फैसले के बाद रांची-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस और रांची-सासाराम एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें अब अगले दो महीनों तक लोहरदगा होकर नहीं चलेंगी। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रेलवे ने इन ट्रेनों के मार्ग में बड़ा बदलाव किया है।
बदले हुए मार्ग से चलेंगी ये ट्रेनें रेलवे अधिकारियों के अनुसार, रांची-सासाराम एक्सप्रेस 8 जनवरी से लोहरदगा के बजाय मेसरा-बरकाकाना होकर चलेगी। वहीं, रांची-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस को भी परिवर्तित मार्ग रांची-टाटीसिलवे-मेसरा-बरकाकाना के रास्ते संचालित करने का निर्णय लिया गया है। फिलहाल रांची से लोहरदगा के बीच किसी भी एक्सप्रेस ट्रेन का परिचालन नहीं होगा। दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्र ने पुल का निरीक्षण करने के बाद स्पष्ट किया कि सभी तकनीकी मानकों को पूरा करने के बाद ही इस रूट पर परिचालन बहाल होगा।
वैकल्पिक व्यवस्था: बस और कनेक्टिंग ट्रेन का सहारा लोहरदगा स्टेशन बंद होने के कारण यात्रियों के लिए वैकल्पिक इंतजाम किए गए हैं। रांची-लोहरदगा और अन्य मेमू पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन अब लोहरदगा के बजाय 8 किमी पहले ‘इरगांव हॉल्ट’ तक ही किया जाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए लोहरदगा से इरगांव के बीच बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, लोहरदगा से टोरी के बीच एक कनेक्टिंग ट्रेन भी शुरू की जा रही है ताकि लंबी दूरी के यात्रियों को कम परेशानी हो।
मई 2026 तक पूरा होगा मरम्मत कार्य रेलवे की तकनीकी टीम 15 फरवरी तक सॉइल टेस्टिंग का काम पूरा करेगी। योजना के अनुसार, मार्च के अंतिम सप्ताह तक आंशिक रूप से ट्रेनें शुरू करने का लक्ष्य है, लेकिन पुल का संपूर्ण जीर्णोद्धार मई 2026 तक चलेगा। पुल के पिलर संख्या 4 से 7 तक जैकेटिंग और पाइलिंग का काम किया जाएगा। सुरक्षा के लिए फिलहाल अस्थायी स्टील गार्डर भी लगाए जाएंगे। जीएम अनिल कुमार मिश्र ने बताया कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए कोयल नदी पर एक नए रेलवे पुल के निर्माण की योजना पर भी विचार किया जा रहा है, जिसका सर्वे पहले ही पूरा हो चुका है।

