शिमला: हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होते ही कुदरत का सफेद कहर बरपना शुरू हो गया है। सीजन की पहली भारी बर्फबारी ने जहां पर्यटन स्थलों को गुलजार किया है, वहीं आम जनजीवन को पूरी तरह पटरी से उतार दिया है। बर्फीली हवाओं और भारी हिमपात के कारण प्रदेश में बिजली, पानी और यातायात व्यवस्था चरमरा गई है।
सड़कों पर लगा ब्रेक, कटा संपर्क राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश भर में 452 सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं, जिनमें दो नेशनल हाईवे भी शामिल हैं। सबसे बुरा हाल लाहौल-स्पीति का है, जहां 290 सड़कें बंद हैं। भारी बर्फबारी के कारण शिमला-रामपुर, शिमला-रोहड़ू और शिमला-चौपाल मार्ग अवरुद्ध होने से अप्पर शिमला का राजधानी से संपर्क पूरी तरह कट गया है। कुफरी, नारकंडा और खड़ापत्थर में फिसलन के कारण वाहनों की आवाजाही जोखिम भरी हो गई है।
अंधेरे में डूबे सैकड़ों गांव बर्फबारी का सबसे घातक असर बिजली आपूर्ति पर पड़ा है। प्रदेश भर में 4274 ट्रांसफार्मर (DTR) ठप हो गए हैं। मंडी जिले में सबसे ज्यादा 1400 और चम्बा में 700 से अधिक ट्रांसफार्मर बंद होने से सैकड़ों गांव अंधेरे में डूबे हैं। कड़ाके की ठंड के बीच बिजली गुल होने से लोगों की मुश्किलें दोगुनी हो गई हैं।
शून्य से नीचे पहुंचा पारा, प्रशासन अलर्ट पहाड़ों पर तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। तबो में न्यूनतम तापमान -4.2 डिग्री और नारकंडा में -3.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। शिमला पुलिस ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी है। किसी भी आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर 112 और 0177-2812344 जारी किए गए हैं।
अगले 48 घंटे भारी मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम खराब रहने की चेतावनी दी है। कोठी में सबसे अधिक 15 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई है। विभाग का अनुमान है कि 26 जनवरी से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे ठंड और बर्फबारी का दौर फिर से जोर पकड़ सकता है। एचआरटीसी (HRTC) ने सुरक्षा के लिहाज से प्रभावित रूटों पर बस सेवाएं फिलहाल स्थगित कर दी हैं।

