पूर्वी सिंहभूम। केंद्र सरकार की श्रमिक-विरोधी नीतियों के खिलाफ देश भर के ट्रेड यूनियन 12 फरवरी, 2026 को एक दिवसीय आम हड़ताल करेंगे। कोल्हान प्रमंडल संयुक्त मंच के संयोजक विष्णु डे ने जमशेदपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में यह घोषणा करते हुए कहा कि यह हड़ताल श्रमिक अधिकारों को बचाने और कॉर्पोरेटपरस्त नीतियों के खिलाफ निर्णायक संघर्ष की शुरुआत है।
संयुक्त मंच ने आरोप लगाया कि सरकार ने चार श्रम संहिताएं बिना विचार-विमर्श के लागू कर दी हैं, जिससे हड़ताल का अधिकार कमजोर होगा और स्थायी नौकरियां ठेका प्रथा में बदल जाएंगी। उन्होंने रेलवे, कोयला, स्टील जैसे सार्वजनिक क्षेत्रों के निजीकरण और 65 लाख से अधिक रिक्त सरकारी पदों को न भरने की नीति की भी कड़ी आलोचना की।
हड़ताल की प्रमुख मांगों में चारों श्रम संहिताओं को रद्द करना, सभी कृषि उत्पादों के लिए वैधानिक न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), ठेका कर्मियों का नियमितीकरण, निजीकरण रोकना और सभी के लिए शिक्षा-स्वास्थ्य की गारंटी शामिल है। विष्णु डे ने झारखंड के मजदूरों, किसानों, युवाओं और छात्रों से हड़ताल को सफल बनाने और व्यापक समर्थन देने की अपील की है।

