Close Menu
Azad SipahiAzad Sipahi
    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
    Monday, March 16
    • Jharkhand Top News
    • Azad Sipahi Digital
    • रांची
    • हाई-टेक्नो
      • विज्ञान
      • गैजेट्स
      • मोबाइल
      • ऑटोमुविट
    • राज्य
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
    • रोचक पोस्ट
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • e-Paper
    • Top Story
    • DMCA
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Azad SipahiAzad Sipahi
    • होम
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खलारी
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुर
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ़
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सरायकेला-खरसावाँ
      • साहिबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • विशेष
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • देश
    • दुनिया
    • राजनीति
    • राज्य
      • मध्य प्रदेश
    • स्पोर्ट्स
      • हॉकी
      • क्रिकेट
      • टेनिस
      • फुटबॉल
      • अन्य खेल
    • YouTube
    • ई-पेपर
    Azad SipahiAzad Sipahi
    Home»देश»पंजाब के ‘खामोश’ मतदाता कर सकते हैं बड़ा उलटफेर
    देश

    पंजाब के ‘खामोश’ मतदाता कर सकते हैं बड़ा उलटफेर

    आजाद सिपाहीBy आजाद सिपाहीFebruary 3, 2017No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram LinkedIn Pinterest Email

    चंडीगढ़:  पंजाब विधानसभा चुनाव बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस चुनाव में वे मतदाता बड़ा उलटफेर कर सकते हैं, जो अभी तक अपना मन किसी पार्टी के पक्ष में नहीं बना पाए हैं।

    पहली बार पंजाब में त्रिकोणीय मुकाबला होने जा रहा है। यहां शनिवार को 117 विधानसभा सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे।

    मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ शिरोमणि अकाली दल-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गठबंधन, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच है।

    कांग्रेस और अकाली दल-भाजपा गठबंधन दोनों के लिए आम आदमी पार्टी निशाने पर है। पिछले एक साल में आम आदमी पार्टी ने पंजाब में मतदाताओं विशेष रूप से युवाओं और ग्रामीण मतदाताओं में खासी पैठ बना ली है।

    अकाली दल के अध्यक्ष और निवर्तमान उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल कहते रहे हैं कि पार्टी 25 वर्षो तक राज करेगी। अकाली दल को सत्ता में आने के बाद से ही विरोधी लहर का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी यहां भाजपा के साथ पिछले एक दशक (2007-2012 और 2012-2017) से सत्ता में है।

    अकाली दल ने 94 सीटों पर, जबकि उनकी गठबंधन सहयोगी भाजपा ने 23 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं।

    देशभर में पार्टी को पुनर्जीवित करने में जुटी कांग्रेस ने इस बार पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह पर दांव लगाया है, जो मौजूदा चुनाव में मुख्यमंत्री पद के चेहरा हैं।

    अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस को न सिर्फ अपना परंपरागत आधारा बनाए रखना है, बल्कि उन्हें आम आदमी पार्टी की चुनौती का भी सामना करना है।

    पिछले कुछ सप्ताह में अकाली-भाजपा गठबंधन और कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी और इसके नेतृत्व पर जबरदस्त हमले करते हुए इसे बाहरी करार दिया है।

    यह भी आरोप लगाए गए हैं कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पंजाब का मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं।

    अकाली दल-भाजपा गठबंधन पंजाब के विकास को भुना रहे हैं। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ड्रग्स, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, बुनियादी ढांचे की कमी जैसे मुद्दों पर सत्तारूढ़ पार्टी को घेरे हुई हैं।

    हाल ही में हुए सर्वेक्षणों में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को साफ बढ़त मिलती दिखाई गई है। इंडिया टूडे-एक्सिस पोल सर्वेक्षण में कांग्रेस को 60 से 65 सीटें मिलती दिखाई गई हैं, जबकि आम आदमी पार्टी 41 से 45 सीटों के साथ दूसरे और अकाली दल-भाजपा गठबंधन 11 से 15 सीटों के साथ तीसरे स्थान पर है।

    आम आदमी पार्टी को कृषि समृद्ध मालवा क्षेत्र में बढ़त मिलते दिखाया गया है। इस संदर्भ में देखें तो 117 विधानसभा सीटों में से 69 आम आदमी पार्टी के खाते में जाती दिख रही है। यह वह क्षेत्र है, जिसे पारंपरिक रूप से अकालियों का गढ़ माना जाता रहा है। इसी क्षेत्र में कांग्रेस ने भी 2012 के चुनाव में जीत का परचम लहराया था।

    2014 के संसदीय चुनाव से अस्तित्व में आई आम आदमी पार्टी ने पंजाब में 34 फीसदी मत हासिल किए हैं।

    माझा (ब्यास नदी के उत्तर में) और दोआबा (ब्यास और सतलुज नदियों के बीच के क्षेत्र) में मुख्य राजनीतिक दलों के बीच कड़ा मुकाबला है।

    मुख्य मुकाबला लांबी सीट पर है, जहां मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। जलालाबाद में सुखबीर बादल और आम आदमी पार्टी के भगवंत मान और कांग्रेस के रवनीत सिंह बिट्ट के बीच कांटे की टक्कर है। पटियाला (शहरी) में अमरिंदर सिंह और अकाली दल से पूर्व सैन्य प्रमुख एवं पूर्व राज्यपाल जे.जे.सिंह मैदान में है, जबकि लहर सीट से पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर बट्टल (कांग्रेस) और पंजाब के वित्तमंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा (अकाली दल) आमने-सामने हैं।

    राधास्वामी, सच्चा सौदा, खंड बलन संप्रदाय और अन्य डेरों का भी पंजाब चुनाव में अच्छी खासी पैठ है। इनमें से प्रत्येक के लाखों अनुयायी हैं। डेरा सच्चा सौदा खुले तौर पर अकाली दल-भाजपा गठबंधन का समर्थन कर रही है, जिससे मालवा क्षेत्र में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के लिए मुकाबला कड़ा हो सकता है।

    कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने हाल के सप्ताह में राधास्वामी ब्यास डेरा और सच खंड बलान डेरा का दौरा कर समर्थन पाने की अपील की।

    पंजाब में चार फरवीर को 1.98 करोड़ से अधिक मतदाता 1,145 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे जिसमें 81 महिला उम्मीदवार और एक किन्नर है।

    राज्य में बठिंडा जिले में हुए विस्फोट के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चौकस इंतजाम किए गए हैं।

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Articleआईपीएल से बाहर हुए पीटरसन
    Next Article रोल्स रॉयस की यह लग्जरी कार हुई बंद!
    आजाद सिपाही
    • Website
    • Facebook

    Related Posts

    पश्चिम बंगाल के नए डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता, अजय कुमार नंदा कोलकाता के नए पुलिस कमिश्नर बने

    March 16, 2026

    पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव कार्यक्रम घोषित, 9 से 29 अप्रैल तक मतदान, 4 मई को नतीजे

    March 15, 2026

    कांग्रेस की नीतियों के कारण बसपा का गठन करना पड़ा : मायावती

    March 14, 2026
    Add A Comment

    Comments are closed.

    Recent Posts
    • पश्चिम बंगाल के नए डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता, अजय कुमार नंदा कोलकाता के नए पुलिस कमिश्नर बने
    • ट्रंप का नाटो को अल्टीमेटम- होर्मुज नहीं बचाया तो भुगतना होगा अंजाम
    • काठमांडू में जेन-जी आंदोलन रिपोर्ट को लेकर हंगामा, सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी
    • मुख्यमंत्री ने पटना समाहरणालय का किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए निर्देश
    • धनबाद-रांची पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में प्रिंस खान के शूटरों से मुठभेड़, तीन अपराधी गिरफ्तार
    Read ePaper

    City Edition

    Follow up on twitter
    Tweets by azad_sipahi
    Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

    Palamu Division

    • Garhwa
    • Palamu
    • Latehar

    Kolhan Division

    • West Singhbhum
    • East Singhbhum
    • Seraikela Kharsawan

    North Chotanagpur Division

    • Chatra
    • Hazaribag
    • Giridih
    • Koderma
    • Dhanbad
    • Bokaro
    • Ramgarh

    South Chotanagpur Division

    • Ranchi
    • Lohardaga
    • Gumla
    • Simdega
    • Khunti

    Santhal Pargana Division

    • Deoghar
    • Jamtara
    • Dumka
    • Godda
    • Pakur
    • Sahebganj

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    © 2026 AzadSipahi. Designed by Launching Press.
    • Privacy Policy
    • Terms
    • Accessibility

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Go to mobile version