हजारीबाग: 2002 में कोलकाता के अमेरिकन ट्रेड सेंटर पर हमले का फरार आरोपी मो गुलाम सरवर 14 साल बाद हजारीबाग पुलिस की गिरफ्त में आया है। कोलकाता के अमेरिकन ट्रेड सेंटर पर हुए हमले के बाद हजारीबाग के खिरगांव मोहल्ले में पनाह लिये हुए दो आतंकियों को दिल्ली से आयी एटीएस की टीम ने हजारीबाग पुलिस के सहयोग से मार गिराया था। इस घटना में संलिप्त तीसरा आतंकी मो गुलाम सरवर को पुलिस ने शनिवार को गया के बथानी थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गुलाम सरवर पर उक्त आतंकियों को खिरगांव में पनाह दिलवाने का आरोप था। गुलाम पिछले 14 वर्षों से फरार चल रहा था। इस बाबत जानकारी देते हुए एसपी अनूप बिरथरे ने बताया कि गुलाम सरवर को कई दिनों की कोशिश के बाद गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले एक माह से उसेवाच किया जा रहा था। पूरी तसदीक होने के बाद बिहार पुलिस की मदद से हजारीबाग पुलिस की विशेष टीम ने गया के बथानी में उसे धर दबोचा।
तत्कालीन एसपी दीपक वर्मा के नेतृत्व में हुई थी मुठभेड़ : बता दें कि 2002 में आतंकियों को मार गिराने में तत्कालीन एसपी दीपक वर्मा ने सूझबूझ का परिचय दिया था। उक्त दोनों आतंकी फिदायीन थे और अगर उन्हें जानकारी हो जाती कि पुलिस घेर रही है, तो वे खुद को उड़ाकर उस क्षेत्र में तबाही भी मचा सकते थे। तत्कालीन एसपी दीपक वर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने आतंकियों को भनक लगे बिना अहले सुबह खिरगांव के उनके ठिकाने को चारों तरफ से घेरकर मार गिराया था। घटना के बाद गुलाम सरवर फरार हो गया था। शनिवार को गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सरवर को सदर अस्पताल में मेडिकल जांच कराने के बाद हजारीबाग व्यवहार न्यालायाय में अपर सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र शर्मा के न्यायालय में प्रस्तुत कर जेल भेज दिया।
इस संबंध में सदर थाना कांड संख्या 39/ 2002 में आरोप पत्र 29 जनवरी 07 को न्यायालय में अनुसंधानकर्ता द्वारा न्यायालय में समर्पित किया गया। इसमें 31 लोगों को पुलिस ने गवाहा बनाया है, जबकि इस मामले में अब तक तत्कालीन एसपी दीपक वर्मा सहित 3 लोगों की गवाही हो चूकी है।
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