पाकुड। झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा आयोजित संघर्ष यात्रा के दौरान राजमहल सांसद विजय हांसदा एवं पाकुड़ के पूर्व विधायक मौलाना अकील अख्तर के समर्थकों के बीच आपसी खिंचातान खुलकर देखने को मिली। पाकुड़ जिले में संघर्ष यात्रा के दौरान विजय हांसदा के समर्थकों एवं अकील अख्तर के समर्थक अलग-अलग खेमे में बंटे हुए दिखे। पाकुड जिले के संघर्ष यात्रा के दौरान भी दोनों समर्थकों के बीच मनमुटाव देखा गया। हेमंत की यात्रा बुधवार को सीधे सदर प्रखंड के विभिन्न गांव होते हुए हिरणपुर एवं लिट्टीपाड़ा जाना था, परंतु पार्टी के कुछ नेताओं ने पहले लिट्टीपाड़ा, हिरणपुर ले जाया गया। इससे अकील के समर्थक भड़क गये। यहां तक सदर ब्लॉक के एक नेता एवं अकील से जमकर तू तू मे मे हो गयी। और इसकी शिकायत हेमंत तक पहुंच गयी।
आश्चर्य की बात यह है कि साहेबगंज जिले के मिल्लत उच्च विद्यालय मैदान में आयोजित संघर्ष यात्रा के दौरान हेमंत के साथ मंच साझा कर रहे राजमहल सांसद विजय हांसदा भी मौजूद थे। अकील के समर्थकों ने हेमंत सोरेन जिंदाबाद एवं अकील अख्तर जिंदाबाद के जमकर नारे लगाये गये। परंतु मंच पर उपस्थित विजय हांसदा के नारे नहीं लगाये गये। इसे लेकर भी विजय हांसदा के समर्थकों में नाराजगी दिख रही थी। गुरुवार को हेमंत सोरेन सर्किट हाउस पाकुड से दोपहर 1 बजे बरहेट के लिए निकले। साहेबगंज जिला के पतना अंचल के समीप हेमंत को माला पहनाने को लेकर राजमहल सांसद एवं पूर्व विधायक के समर्थकों के बीच जमकर हाथापाई हो गयी। पूरा इलाका रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। सांसद एवं पूर्व विधायक अपने अपने समर्थकों को समझा-बुझाकर शांत कराया परंतु जिस तरह हेमंत सोरेन की मौजूदगी में एक ही पार्टी के दो-दो नेताओं के समर्थकों के बीच आपस में तू तू में में और हाथापाई हुई है चर्चा का माहौल गर्म है।
दिलचस्प बात यह है कि मिल्लत उच्च विद्यालय मैदान में आयोजित संघर्ष यात्रा कार्यक्रम में हेमंत सोरेन ने खुले मंच में पाकुड विधानसभा प्रत्याशी के रूप में अकील अख्तर का नाम पेश किया। इधर अकील का नाम खुले मंच से पेश किये जाने से अकील के समर्थक गदगद दिखे। वही पाकुड सर्किट हाउस में मीडिया ने जब हेमंत से गठबंधन का हवाला देते हुए अकील के नाम पर सवाल किया तो हेमंत ने सिर्फ यही कहा अभी समय है सब हो जायेगा। अब सवाल उठता है कि आखिर मिल्लत उच्च विद्यालय मैदान में आयोजित संघर्ष यात्रा कार्यक्रम के दौरान आखिर किस परिस्थिति में हेमंत ने अकील अख्तर का नाम पेश किया। जबकि पाकुड परिसदन में हेमंत मीडिया के कोई सवाल का जवाब न देते हुए सिर्फ यही कहा अभी काफी समय है चर्चा का विषय बना हुआ है। सूत्रों की माने तो राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि दिल्ली में राहुल गांधी एवं हेमंत के बीच गठबंधन पर सहमति हो चुकी है। अंदर खाने में सीट का बंटवारा भी हो चुका है। ऐसी स्थिति में पाकुड विधानसभा कांग्रेस के खाते में जायेगा।