रांची। झाविमो के विधायक प्रदीप यादव को गुरुवार को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। 4 फरवरी को झाविमो ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में विधायक यादव को शोकॉज नोटिस जारी किया था। इस संबंध में 48 घंटे में जवाब देने का समय दिया गया था, इसका समय आज गुरूवार को खत्म हो गया। झाविमो के प्रधान महासचिव अभय सिंह ने बताया कि दिए गए समय में प्रदीप यादव की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। इस वजह से झाविमो के केंद्रीय अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के निदेर्शानुसार प्रदीप यादव को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। विधायक बंधु तिर्की और प्रदीप यादव पर की गई कार्रवाई को अब झाविमो का भाजपा में विलय की कवायद से जोड़ कर देखा जा रहा है। झारखंड विधानसभा चुनाव में बाबूलाल मरांडी समेत पार्टी के तीन विधायकों ने जीत दर्ज की थी। इसमें बंधु तिर्की और प्रदीप यादव शामिल हैं। बंधु को पार्टी ने 21 जनवरी को ही निष्कासित कर दिया था। इस सवाल पर अभय सिंह ने कहा कि आगे क्या होगा यह अभी कह नहीं सकते है। 11 फरवरी को राष्ट्रीय कर्यकारणी की बैठक तय है। इस बैठक में तमाम कार्यकारणी सदास्यों से राय शुमारी के बाद पार्टी के आगे की रणनीति बनाई जायेगी।

प्रदीप यादव और बंधु तिर्की ने की बैठक कहा, राज्यहित में साथ-साथ करेंगे संघर्ष
झाविमो से निष्कासित दोनों विधायकों प्रदीप यादव और बंधु तिर्की ने गुरुवार शाम बैठक की। प्रदीप यादव के सरकारी आवास पर यह बैठक हुई। गौरतलब है कि अपने निष्कासन के बाद बंधु तिर्की विधायक प्रदीप यादव के आवास पर आए थे। गुरुवार को जब प्रदीप यादव का निष्कासन हुआ तो भी बंधु तिर्की प्रदीप यादव से मिलने पहुंचे। आगे की योजना के बाद में विधायकों ने कहा कि वे दोनों एक साथ हैं। दोनों का मन मिजाज एक-दूसरे से मिलता है। आनेवाले समय में वे राज्य के विकास के लिए संघर्ष करते रहेंगे।

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