चाईबासा। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में फूड प्वाइजनिंग से बीमार छात्राओं से मिलने स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता पहुंचे। फूड प्वाइजनिंग की सूचना के बाद स्वास्थ्य मंत्री सदर अस्पताल चाईबासा पहुंचे। उनके साथ सांसद गीता कोड़ा भी मौजूद थी। स्वास्थ्य मंत्री और सांसद ने अस्पताल में इलाजरत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की फूड प्वाइजनिंग से पीड़ित छात्राओं से मिले और उनका हालचाल जाना।
निरीक्षण के क्रम में स्वास्थ्य मंत्री ने पीड़ित बच्चों का समुचित इलाज का अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया। इसके साथ ही मामले का उच्चस्तरीय जांच के लिए एक कमेटी गठन करने का निर्देश दिया। उन्होंने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस से भी जांच करने का निर्देश एसपी और उपायुक्त को दिया। स्वतंत्र कमेटी गठन करके इस कमेटी में जमशेदपुर के डॉक्टर को शामिल करने का निर्देश भी दिया है।
मंत्री ने एसपी इंद्रजीत महथा को जांच में दोषी पाये जाने वाले पर कड़ी कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री और सांसद ने अस्पताल में भर्ती बच्चों से बातचीत की। उन्होंने बच्चों से खाने में क्या मिलता है यह भी जानने का प्रयास किया। इस पर एक बच्ची ने बताया कि विद्यालय में उन्हें कभी-कभी बासी खाना भी परोसा दिया जाता है।
पीड़ित छात्राओं को अस्पताल प्रबंधन द्वारा पत्तल में खाना परोसे जाने पर मंत्री ने नाराजगी जतायी। मंत्री ने मौके पर अस्पताल अधीक्षक और सिविल सर्जन को भी जमकर खरी-खोटी सुनायी। उन्होंने कहा कि जिले के गरीब आदिवासी जनता के साथ भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाना बंद करें। जिले में डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड से कई प्रकार के बेतहाशा खर्च किये गये हैं। उन खर्च की गुणवत्ता पर भी उन्होंने सवाल उठाया। इसके साथ ही जिला प्रशासन को अपनी कार्य संस्कृति में सुधार लाने की उन्होंने चेतावनी भी दे डाली।