चाईबासा। बुरुगुलीकेरा नरसंहार के 16वें दिन जदयू प्रदेश अध्यक्ष सालखन मुर्मू के नेतृत्व में सात सदस्यीय टीम ने बुरुगुलीकेरा गांव पहुंचकर मामले की पड़ताल की। पड़ताल के बाद सालखन ने झारखंड सरकार और चर्च को निशाने पर लेते हुए कहा कि भारत सरकार इस मामले पर एनआइए से जांच कराये, अन्यथा चर्च झारखंड को बर्बाद कर देंगे।
जदयू प्रदेश अध्यक्ष के साथ आयी टीम ने गांव में पीड़ित परिवारों के अलावा अन्य ग्रामीणों से मिलकर घटना की जानकारी ली। बुरुगुलीकेरा से लौटने के बाद जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने सोनुआ बाजार में कहा कि बुरुगुलीकेरा नरसंहार के पीछे पत्थलगड़ी समर्थक और विरोध का विवाद है। इस घटना में न तो पीएलएफआइ है और न ही माओवादी। आपसी रंजिश से भी टीम ने इनकार किया। विवादित पत्थलगड़ी निश्चित रूप से भारत के संविधान और व्यवस्था के विरोधियों के सहयोग से संचालित है। इस पत्थलगड़ी में संविधान की गलत व्याख्या और प्रचार कर आदिवासियों को देश के खिलाफ भड़काकर हिंसा फैलाने का काम हो रहा है।
कहीं ने कहीं सरकार भी दोषी
जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बुरुगुलीकेरा नरसंहार के लिए प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सरकार भी दोषी है। सरकार ने पत्थलगड़ी से संबंधित सभी मुकदमों को वापस लेने की घोषणा कर संविधान विरोधियों को उत्साहित किया। विवादित पत्थलगड़ी को बढ़ावा देने में चर्च और विदेशी ताकतों का भी हाथ हो सकता है।
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