रांची। इस बार हेमंत सरकार जो बजट लेकर आयेगी, उसमें फिजूलखर्ची रोकने पर खास जोर होगा। विभागों को यह निर्देश जारी कर दिया गया है। इस बार सरकार कृषि और सोशल सेक्टर पर ज्यादा बल देगी। यह भी टटोलने का प्रयास होगा कि किसानों की ऋण माफी से सरकार के खजाने पर कितना असर पड़ेगा। सरकार चाहती है कि चुनाव के समय जो घोषणाएं की गयी थीं, उन्हें तुरंत लागू किया जाये। वित्त विभाग से यह भी पूछा गया है कि बेरोजगारी भत्ता देने पर सरकार के खजाने पर कितना असर पड़ेगा। इसके अलावा वित्त विभाग से पारा शिक्षकों के संदर्भ में पूछा गया है कि उनके वेतनमान आदि पर कितना अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इस बार का बजट पूरी तरह ग्रामीण विकास पर फोकस लेकर आयेगा।
खाली खजाना चिंता का विषय
बजट पेश करने से पहले राज्य सरकार श्वेत पत्र जारी करने की तैयारी में है। इसके जरिए राज्य की वित्तीय स्थिति के बारे में जनता को जानकारी दी जायेगी। जानकारों का कहना है कि हेमंत सरकार के सामने अगले तीन महीने में 44 हजार करोड़ की राजस्व प्राप्ति बड़ी चुनौती है। सरकार को बजट में कृषि क्षेत्र में ध्यान देने की जरूरत है, जिससे उत्पादन के साथ-साथ जीडीपी में इसका योगदान बढ़े। बता दें कि वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए पिछली सरकार ने 85,429 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट पेश किया था। इसके विरुद्ध राजस्व व्यय के लिए 65,803 करोड़ रुपये और पूंजीगत व्यय के लिए 19,626 करोड़ रुपये का लक्ष्य प्रस्तावित था।
27 फरवरी से सत्र और चार मार्च को पेश होगा बजट
झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 27 फरवरी से शुरू होकर 26 मार्च तक चलेगा। इस दौरान हेमंत सरकार वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 4 मार्च को बजट पेश करेगी। हेमंत सरकार निर्माण क्षेत्र को छोड़, सोशल सेक्टर को प्राथमिकता दे सकती है। बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और बेरोजगारी दूर करने पर फोकस होगा।
रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य प्राथमिकता के क्षेत्र
संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम के अनुसार तीनों दलों के मेनिफेस्टो में जनता से जो वायदे किये गये थे, उन्हें बजट में शामिल किया जायेगा। किसानों की ऋण माफी और बेरोजगारी को दूर करने पर फोकस रहेगा। पुरानी योजनाओं की भी समीक्षा की जा रही है। साथ ही जनहित की नयी योजनाएं भी लायी जायेंगी। मुख्य सचिव डीके तिवारी के अनुसार नयी सरकार बजट के माध्यम से आम आदमी और सामाजिक दायित्वों पर फोकस करना चाहती है। ऐसे में बजट में रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान रहेगा।
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