दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली के ललित कला अकादमी के चेयरमैन के चयन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और अकादमी के चेयरमैन को नोटिस जारी किया है। चीफ जस्टिस डीएन पटेल की अध्यक्षता वाली बेंच ने 19 मार्च तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया ।

याचिका सत्यप्रकाश ने दायर की है। याचिकाकर्ता की ओर से वकील महमूद प्राचा ने ललित कला अकादमी के चेयरमैन की चयन प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि अकादमी के चेयरमैन पद के लिए चयन करने वाली कमेटी की कोई बैठक ही नहीं हुई और फर्जी प्रस्तावों के जरिये नियुक्ति कर दी गई। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने इस कमेटी के गठन के लिए 20 मार्च 2018 को नोटिफिकेशन जारी किया था। इस कमेटी के तीन सदस्य हैं। एक सदस्य दिल्ली, दूसरे गुलबर्ग और तीसरे ठाणे में रहते हैं।

याचिका में कहा गया है कि कमेटी ने ये दिखाया है कि उसकी बैठक हुई थी, जिसमें चेयरमैन की नियुक्ति संबंधी प्रस्ताव  पारित किया गया लेकिन वो बैठक कब और कहां हुई इसका कोई खुलासा नहीं किया गया। बैठक का प्रस्ताव 23 मार्च 2018 को संस्कृति मंत्रालय को सौंपा गया। याचिका में कहा गया है कि कमेटी के दो सदस्य 90 साल से ऊपर के हैं और वे बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली नहीं आ सकते हैं। याचिका में कहा गया है कि कमेटी का गठन नियमों का उल्लंघन कर किया गया है। इस कमेटी में ललित कला अकादमी के किसी भी पूर्व चेयरमैन को शामिल नहीं किया गया है। इस कमेटी में किसी महिला सदस्य को भी शामिल नहीं किया गया।

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