काठमांडू। घर में गैस सिलेंडर फटने से नेपाल के सांसद चंद्र भंडारी बुरी तरह जख्मी हो गए। उनकी 86 वर्षीय मां का इलाज के दौरान निधन हो गया। अब सांसद को इलाज के लिए भारतीय शहर मुंबई ले जाया जाएगा।
नेपाल की गुलमी संसदीय सीट से नेपाली कांग्रेस के सांसद चंद्र भंडारी के बुद्ध नगर स्थित सांसद निवास में अचानक तेज धमाके के साथ घर में खाना बनाने के लिए रखा एलपीजी गैस सिलेंडर फट गया। सिलेंडर में हुए विस्फोट से सांसद चंद्र भंडारी की मां हरिकला भंडारी बुरी तरह जख्मी हो गयीं। उनके साथ सांसद स्वयं भी जख्मी हुए हैं। गंभीर अवस्था में उन्हें कीर्तिपुर स्थित बर्न अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
कीर्तिपुर अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि सांसद चंद्र भंडारी की 86 वर्षीय मां हरिकला भंडारी 80 प्रतिशत जलकर अत्यधिक गंभीर थीं। स्वयं सांसद भी 25 प्रतिशत जल गए हैं। कीर्तिपुर अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। चिकित्सा निर्देशक डॉ. निजीना ताम्रकार के मुताबिक,सांसद भंडारी की माताजी का निधन गुरुवार सुबह 10:57 बजे हुआ।
सांसद भंडारी का इलाज अभी उसी अस्पताल में चल रहा है। चिकित्सकों की संस्तुति के बाद नेपाली सांसद व उनकी मां को इलाज के लिए भारत भेजे जाने की तैयारी की गयी है। उन्हें मुंबई के लिए विशेष विमान एंबुलेंस सेवा से भेजा जाएगा।अस्पताल के चिकित्सा निर्देशक डा. निजिना ताम्रकार और डॉ. किरण नकर्मी ने सांसद को उचित इलाज के लिए किसी सर्वसुविधायुक्त स्वास्थ्य संस्थान में भेजने की सिफारिश की है। सांसद भंडारी का चेहरा, दोनों हाथ और दोनों पैर झुलसे हैं। चिकित्सकों का मानना है कि गर्म हवा व धुएं के कारण सांसद को श्वसन तंत्र में समस्या हुई होगी।
नेपाल के स्वास्थ्य एवं जनसंख्या मंत्री पदम गिरी ने आज सुबह अस्पताल का दौरा किया और सांसद की सेहत के बारे में जानकारी ली। नेपाली कांग्रेस नेता रामचंद्र पौडेल, महामंत्री गगन थापा और विश्व प्रकाश शर्मा, नेपाली कांग्रेस नेता एनपी सऊद और प्रदीप पौडेल और नेकपा एमाले के नेता प्रदीप ज्ञवाली भी अस्पताल पहुंचे।
सांसद भंडारी के सचिवालय के मुताबिक उन्हें इलाज के लिए मुंबई के नेशनल बर्न्स सेंटर ले जाने की चर्चा चल रही है। चूंकि एयर एंबुलेंस लाने में देरी होगी, इसलिए श्री एयरलाइंस के विमान को किराए पर लेकर सांसद भंडारी को मुंबई ले जाने की तैयारी की जा रही है। बताया गया कि घर में खाना बनाने के लिए रखे एलपीजी गैस सिलेंडर में लीकेज के कारण यह घटना हुआ। धमाका इतनी तेज हुआ था कि उसकी आवाज काफी दूर तक सुनाई दी थी।