-एक आदमी की सालाना कमाई बढ़कर 78660 रुपये: राधाकृष्णन
-राज्यपाल ने गिनाई सरकार की उपलब्धियां
-कोरोना, किसान, रोजगार और झारखंड के विकास पर रहा केंद्रित
आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। झारखंड विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को शुरू हो गया। राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन के अभिभाषण से इसकी शुरूआत हुई। उन्होंने हेमंत सरकार की उपलब्धियां गिनायी। राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार ने लोक और तंत्र की परस्पर सहभागिता से सरकार के संचालन का विशिष्ट उदाहरण पेश किया है। लोकतंत्र की सार्थकता जनता का, जनता के लिए और जनता के द्वारा शासन में निहित है। सरकार ने इसे सही मायने में चरितार्थ करके दिखाया है। कोरोना संकट के दौरान झारखंड में प्रति व्यक्ति आय 71 हजार रुपये से अधिक थी। बाद में बढ़कर 78 हजार से अधिक हो गयी।
सरकार की प्राथमिकता में गरीब और वंचित:
राधाकृष्णन ने कहा कि नीति-निर्माण से लेकर निर्णय लेने तक और निर्णयों के क्रियान्वयन से लेकर सरकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग तक, हर क्षेत्र में जनता की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। सरकार की प्राथमिकता गरीबों, वंचितों, शोषितों, आदिवासियों, दलितों, पिछड़े, अल्पसंख्यकों, बुजुर्गों, युवाओं, महिलाओं, मजदूरों और किसान का सर्वांगीण विकास है। झारखंड की अस्मिता, संस्कृति, भाषा और सभ्यता को बढ़ावा देते हुए विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
कोरोना से झारखंड ने डटकर किया मुकाबला:
राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार के दूरदर्शी और सशक्त निर्णयों की वजह से कोरोना की तीसरी लहर कहर नहीं बन पायी। सरकार ने जहां कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के सभी संभव उपाय किये, वहीं अर्थव्यवस्था को भी पटरी से नहीं उतरने दिया। सरकार ने जितना काम कोविड रोकथाम, कोविड अनुकूल व्यवहार और अस्पताल प्रबंधन के लिए किया उतना ही काम गरीबों की रोजी-रोटी, बच्चों की शिक्षा, युवाओं के रोजगार, विकास के काम और जन कल्याण की योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए भी किया। कोरोना महामारी के काल मे जहां वर्ष 2020-21 में देश का आर्थिक विकास दर ऋणात्मक (-6.6) रहा वहीं झारखंड के विकास दर ऋणात्मक (-5.5) प्रतिशत रहा। वर्ष 2021-22 में आर्थिक विकास दर 8.2 प्रतिशत रहा है। कोरोना महामारी के काल मे झारखंड में प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2020-21 में 70,071 रुपए थी, जो 2021-22 में बढ़कर 78,660 रुपये हो गयी।
किसान, रोजगार और विकास पर रखी बात:
राज्यपाल ने कहा कि झारखंड की सरकार भारत के सुनहरे भविष्य में अपना योगदान देने के लिए कृतसंकल्प है। रांची स्थित बिरसा मुंडा एयरपोर्ट का विस्तार किया जायेगा। इसके अलावा धनबाद, गुमला और लोहरदगा में नये समाहरणालय के निर्माण किया जायेगा। राज्यपाल ने कहा कि कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। सरकार ने कृषि ऋण माफी योजना की शुरूआत की, जिसका लाभ 4.5 लाख किसानों को मिला। 26 जिलों को सुखाड़ग्रस्त घोषित किया गया और इसके लिए 9,681 करोड़ रुपये केंद्र से मांगे। केंद्रीय टीम ने राज्य का दौरा किया। हमारी सरकार ने 461 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना के तहत किसानों के खाते में ट्रांसफर किये। हर किसान को 3,500 रुपये मिले। उन्होंने कहा कि 6 लाख से अधिक किसानों को किसान क्रेडिट स्कीम का लाभ मिला। मत्स्यपालन में झारखंड ने शानदार प्रदर्शन किया है। मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना का 39 हजार लोगों को लाभ मिला है। राज्यपाल ने महिला सशक्तिकरण, मनरेगा, आवास योजना, बिरसा हरित ग्राम योजना, छात्रों को फ्री कोचिंग, स्कूलों में स्मार्ट क्लास, समेत अन्य बातों का जिक्र किया।
अंग्रेजी में पढ़ा अभिभाषण, माफी भी मांगी:
रांची। राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने अपने अभिभाषण की शुरूआत हिंदी में की। उन्होंने झारखंड के शहीदों को नमन किया। इसके बाद उन्होंने अपना पूरा भाषण अंग्रेजी में दिया। राज्यपाल ने अभिभाषण खत्म होने के बाद हाथ जोड़कर विधायकों से कहा कि मेरी हिंदी बहुत अच्छी नहीं है। अगर मुझसे कोई गलती हो गयी हो तो माफ करें। अगर मैं ने अपने अंग्रेजी स्पीच में कहीं गलत पढ़ा हो तो मुझे माफ करना। इसके पहले सुबह 11 बजे राज्यपाल की आगवानी के लिए विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सदन से बाहर पहुंचे। विधानसभा परिसर में राज्यपाल को गार्ड आॅफ आनर दिया गया। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान एक लंबे आरसे बाद शांति का माहौल रहा। विपक्षी दल के सदस्य शांत रहे। उन्होंने किसी तरह की टोकाटाकी नहीं की। झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 24 मार्च तक चलेगा। इस दौरान कुल 18 कार्य दिवस होंगे। वित्त वर्ष 2023-24 के लिए तीन मार्च को बजट पेश किया जाएगा।