रामगढ़ । रामगढ़ शहर के गोलपार्क में खाता नंबर 59 प्लॉट नंबर 290 जो पीडब्ल्यूडी द्वारा अधिग्रहित की गई जमीन है, उसपर भू माफिया हावी होते हुए नजर आ रहे हैं। शुक्रवार की शाम डीसी चंदन कुमार ने भी इस स्थल का बारीकी से मुआयना किया। इस स्थल को भू माफियाओं के चंगुल से बचने के लिए 200 से अधिक नागरिकों ने छावनी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष सरदार अनमोल सिंह के नेतृत्व में हस्ताक्षर कर एक ज्ञापन शनिवार को डीसी को सौंपा है।
आम नागरिकों ने यह कहा है कि 90 वर्ष पुरानी इस सरकारी जमीन पर आज तक किसी ने भी अपना दावा पेश नहीं किया। अक्सर भू माफिया फर्जी दस्तावेज बनाकर इस पर अपना हक जताते हैं। डीसी को लिखे गए ज्ञापन में कहा गया है कि वार्ड नंबर 2 स्थित पीडब्ल्यूडी द्वारा अधिग्रहित भूमि को भू माफिया कब्जा कर बेचने का प्रयास कर रहे हैं। उस सरकारी जमीन पर भगत सिंह क्लब, सामुदायिक भवन, आयुष्मान शहरी प्राथमिक चिकित्सालय और अनाज भंडारण हेतु एक पुराना भवन भी मौजूद है। इसी जमीन पर गरीबों का 40 सरकारी शौचालय एवं 40 से अधिक घर भी मौजूद है। जिसका होल्डिंग नंबर छावनी परिषद के द्वारा निर्गत किया गया है।
1958 में बने नक्शे और डीड में मौजूद है अधिग्रहण के सबूत
1958 में एक रैयत के द्वारा छावनी परिषद को कुआं के लिए जमीन दान किया गया था। जिसका रजिस्टर्ड डीड और नक्शा भी मौजूद है। उस नक्शे में साफ-साफ लिखा गया है कि कुआं के उत्तर दिशा में पीडब्ल्यूडी की अधिग्रहित की गई जमीन है। नागरिकों ने डीसी को यह भी बताया है कि इसी जमीन पर वर्षों पहले राजकीय कृत प्राथमिक विद्यालय भी चलता था।
भू माफियाओं पर हो कानूनी कार्रवाई
अब इस जमीन पर भू माफियाओं के द्वारा कब्जा करने की साजिश रची गई है। कई बार आने-जाने वाले 90 वर्ष पुराने रास्ते को जबरन बंद भी कर दिया गया था। इस पूरे प्रकरण को ध्यान में रखकर आम जनता ने उस सरकारी जमीन को हड़पने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।