Close Menu
Azad SipahiAzad Sipahi
    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
    Monday, April 27
    • Jharkhand Top News
    • Azad Sipahi Digital
    • रांची
    • हाई-टेक्नो
      • विज्ञान
      • गैजेट्स
      • मोबाइल
      • ऑटोमुविट
    • राज्य
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
    • रोचक पोस्ट
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • e-Paper
    • Top Story
    • DMCA
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Azad SipahiAzad Sipahi
    • होम
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खलारी
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुर
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ़
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सरायकेला-खरसावाँ
      • साहिबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • विशेष
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • देश
    • दुनिया
    • राजनीति
    • राज्य
      • मध्य प्रदेश
    • स्पोर्ट्स
      • हॉकी
      • क्रिकेट
      • टेनिस
      • फुटबॉल
      • अन्य खेल
    • YouTube
    • ई-पेपर
    Azad SipahiAzad Sipahi
    Home»Jharkhand Top News»राज्यपाल को स्पष्टीकरण देने की जरूरत क्यों पड़ी : सुप्रियो भट्टाचार्य
    Jharkhand Top News

    राज्यपाल को स्पष्टीकरण देने की जरूरत क्यों पड़ी : सुप्रियो भट्टाचार्य

    azad sipahi deskBy azad sipahi deskFebruary 9, 2024Updated:February 9, 2024No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram LinkedIn Pinterest Email

    रांची। झारखंड प्रदेश में इन दिनों राजभवन और झामुमो के बीच ठनी हुई है। आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। शुक्रवार को झामुमो के केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि मीडिया के माध्यम से पता चला कि राज्यपाल ने प्रिंट मीडिया को बुलाया था और एक मीडिया से उन्होंने स्पष्टीकरण भी मांगा है। अखबारों में पढ़ा कि उन्होंने कई सारी बातें कहीं। उन्होंने कहा कि हिंदी में एक कहावत है दाढ़ी में तिनके वाली। आखिर राज्यपाल को स्पष्टीकरण देने की जरूरत क्यों पड़ी। सुप्रियो ने कहा कि इडी ने जब उनसे कहा कि हिरासत में ले लिये हैं, उसके बाद सभी लोग राजभवन पहुंचे। बसों में बैठे विधायकों को अंदर जाने के बाद बाहर क्यों किया गया। बता दें कि शुक्रवार को सुप्रियो भट्टाचार्य गुरुवार को राज्यपाल के दिये गये बयान पर बोल रहे थे। बयान में झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने दिल्ली दौर से गुरुवार को रांची लौटने के बाद पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी और इस्तीफे पर एक न्यूज एजेंसी को जवाब देते हुए कहा था कि हेमंत सोरेन को इडी हिरासत में ले चुकी थी। उसके बाद स्तीफा देने राजभवन आये थे।

    भ्रम की स्थिति पैदा करनेवाली बीजेपी

    राज्यपाल यह बतायें कि वह कौन दो विधायक थे, जो मीडिया में बयान दे रहे थे कि हैदराबाद नहीं जा रहे हैं। बीजेपी का काम राज्यपाल क्यों कर रहे हैं। भ्रम की स्थिति पैदा करनेवाले बीजेपीवाले हैं। राज्यपाल का काम सरकार को सलाह देना है। उक्त-उक्त की जानकारी लेनी है। पुरानी सरकार के कई विधेयक राजभवन में पड़े हुए हैं। उसे पारित करिये और राज्य के विकास में सहयोग करें।

    हम राजभवन की सुरक्षा करनेवाले लोग हैं

    सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि हम लोग असंवैधानिक काम करनेवाले लोग नहीं हैं और जांच से बचाने के लिए ही एक व्यक्ति को राज्यपाल बनाया गया। सरकार का काम है राजभवन की सुरक्षा करना।

    एनडीए सरकार में सीबीआइ पर भरोसा नहीं

    सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि सीबीआइ की विश्वसनीयता पर सवाल उठने शुरू हो गये हैं। यह बात कोर्ट ने कही है। हम सीबीआइ पर भरोसा नहीं करते हैं, और एनडीए सरकार में बिल्कुल भी करने योग्य नहीं है। सीबीआइ से अच्छी हमारी एसआइटी है। हम उसी से पेपर लीक मामले की जांच करायेंगे।

    सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि दो बसों को अंदर जाने का परमिशन दिया गया। फिर अंदर जाने के बाद परमिशन नहीं होने की बात कही गयी और उन्हें बाहर निकाल दिया गया। वर्तमान सीएम ने सरकार बनाने का दावा किया और दावे को अस्वीकार करते हुए अपने कक्ष की ओर चले गये। फिर 15 मिनट बाद आकर दावे को उन्होंने स्वीकार किया। राज्यपाल के प्रधान सचिव से दूसरे दिन फोन पर बात की गयी, जिसके बाद सूचित करने की बात कही गयी। फिर दोबारा राजभवन से समय की मांग की गयी और तब जाकर गठबंधन के पांच नेताओं को मिलने की अनुमति दी गयी। मिलने के बाद 10 बजे रात में चंपाई सोरेन को सीएम बनने की बात कही गयी, जब 8:30 बजे रात में इस्तीफा हुआ, तो दूसरे दिन रात का इंतजार क्यों हुआ। एक दिन से अधिक समय तक राज्य का कार्यपालक कौन था।

    बहुमत होने के बाद भी फ्लोर टेस्ट की बात क्यों

    मंत्रिमंडल विस्तार के समय फ्लोर टेस्ट की बात कही गयी। क्या राज्यपाल को बहुमत की आशंका थी! 49 सदस्य हमारे साथ थे। 81 सदस्यीय विधानसभा में 49 विधायकों के समर्थन के बाद भी राय लेनी पड़ी। बिहार की परिस्थिति अलग है, क्योंकि वह इडी की गिरफ्त में नहीं है। जो आपका संदेश नहीं मानेगा वह इडी की गिरफ्त में रहेंगे। बिहार में सबसे बड़े दल की जगह तीसरे नंबर के दल को बुला लिया गया, लेकिन यहां बहुमत वाले दल को नहीं बुलाया गया।

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Articleहेमंत ने नहीं किया समझौता इसलिए हुई जेल; मैं हेमंत पार्ट-2: चंपाई सोरेन
    Next Article जेएसएससी सीजीएल परीक्षा की हो सीबीआई जांच : आजसू
    azad sipahi desk

      Related Posts

      अवैध खनिज परिवहन पर झारखंड सरकार की सख्ती, अवैध बालू लदे ट्रैक्टर पर अब 50 हजार का जुर्माना

      April 26, 2026

      JTET परीक्षा में बड़ी लापरवाही: रांची और बोकारो के दो केंद्रों की परीक्षा रद्द, प्रश्न पत्र की कमी और गलत वितरण बना कारण

      April 26, 2026

      मिहिजाम में टेंट हाउस में लगी भीषण आग, लाखों का सामान जलकर राख

      April 26, 2026
      Add A Comment

      Comments are closed.

      Recent Posts
      • अवैध खनिज परिवहन पर झारखंड सरकार की सख्ती, अवैध बालू लदे ट्रैक्टर पर अब 50 हजार का जुर्माना
      • JTET परीक्षा में बड़ी लापरवाही: रांची और बोकारो के दो केंद्रों की परीक्षा रद्द, प्रश्न पत्र की कमी और गलत वितरण बना कारण
      • नवादा में पुलिस मुठभेड़: 50 हजार का इनामी घायल, डॉक्टर हत्याकांड का फरार आरोपी गिरफ्तार
      • दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ा विमान हादसा: टेक-ऑफ के दौरान स्विस एयर के इंजन में लगी आग, 6 यात्री घायल
      • मन की बात : तमिलनाडु के कलपक्कम में परमाणु ऊर्जा से जुड़ी उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री ने वैज्ञानिकों की सराहना की
      Read ePaper

      City Edition

      Follow up on twitter
      Tweets by azad_sipahi
      Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

      Palamu Division

      • Garhwa
      • Palamu
      • Latehar

      Kolhan Division

      • West Singhbhum
      • East Singhbhum
      • Seraikela Kharsawan

      North Chotanagpur Division

      • Chatra
      • Hazaribag
      • Giridih
      • Koderma
      • Dhanbad
      • Bokaro
      • Ramgarh

      South Chotanagpur Division

      • Ranchi
      • Lohardaga
      • Gumla
      • Simdega
      • Khunti

      Santhal Pargana Division

      • Deoghar
      • Jamtara
      • Dumka
      • Godda
      • Pakur
      • Sahebganj

      Subscribe to Updates

      Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

      © 2026 AzadSipahi. Designed by Launching Press.
      • Privacy Policy
      • Terms
      • Accessibility

      Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

      Go to mobile version