नई दिल्ली। मुंबई में फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में कथित शूटर समेत छह आरोपितों को हरियाणा से गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, तकनीकी सर्विलांस और लगातार छापेमारी के बाद आरोपितों की पहचान कर उन्हें दबोचा गया। इस ऑपरेशन को हरियाणा एसटीएफ और मुंबई पुलिस ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया।
झज्जर से हुई गिरफ्तारी
जांच में सामने आया है कि चार आरोपितों को झज्जर जिले के माछरौली थाना क्षेत्र के अमादलपुर गांव से पकड़ा गया। मुख्य आरोपी रितिक यहां एक निर्माणाधीन साइट पर सुपरवाइजर की नौकरी करता था और वारदात के बाद सभी को यहीं छिपने के लिए लेकर आया था।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपितों की पहचान रितिक यादव (आगरा), दीपक (नोएडा), सनी (आगरा) और सोनू (आगरा) के रूप में हुई है। इनके पास से मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के इशारे पर करते थे काम
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि यह पूरी वारदात उगाही (एक्सटॉर्शन) के मकसद से की गई थी और आरोपित कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के इशारे पर काम कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, गैंग के कहने पर ही 31 जनवरी की रात रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग की गई थी।
फिलहाल सभी आरोपितों को आगे की कार्रवाई के लिए मुंबई एंटी एक्सटॉर्शन सेल को सौंप दिया गया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है।
क्या है मामला?
31 जनवरी की आधी रात करीब 12:45 बजे रोहित शेट्टी के मुंबई के जुहू स्थित घर पर अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। इस सनसनीखेज घटना के बाद से ही मामला सुर्खियों में आ गया।
निर्देशक के घर पर सरेआम हुई इस गोलीबारी को लेकर मुंबई पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपितों की तलाश के लिए मुंबई एंटी एक्सटॉर्शन सेल की विशेष टीम गठित की गई, जिसने जांच तेज करते हुए आरोपितों तक पहुंच बनाई।

