जमशेदपुर। झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर में एक बार फिर आतंकी गतिविधियों का खतरा मंडराने लगा है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और दिल्ली पुलिस की विशेष टीम की संयुक्त जांच में कपाली क्षेत्र के छह युवक संदिग्ध पाए गए हैं। इन युवकों पर आरोप है कि उन्होंने पिछले वर्ष धार्मिक जमात के नाम पर करीब छह महीने के लिए विदेश यात्रा की थी। सुरक्षा एजेंसियों का शक है कि इस दौरान उनका संपर्क कुछ संदिग्ध तत्वों से हुआ हो सकता है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विदेश प्रवास के दौरान इन युवकों ने किन लोगों से मुलाकात की और भारत लौटने के बाद उनकी गतिविधियां कितनी संदिग्ध रहीं।
सूत्रों के अनुसार, फिलहाल कपाली के चार और मानगो के आजादनगर इलाके के दो युवकों की तलाश की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि ये युवक विदेश से लौटने के बाद स्थानीय स्तर पर स्लीपर सेल का विस्तार करने में लगे थे। इसी बीच चतरा के एक संदिग्ध आतंकवादी के जमशेदपुर से संबंधों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह पूरा नेटवर्क राज्य के कई जिलों तक फैला हो सकता है।
इस मामले में मानगो के आजादनगर निवासी सैयद मोहम्मद अर्शियान उर्फ हैदर का नाम भी प्रमुखता से सामने आया है। हैदर पर ड्रोन हमलों में विशेषज्ञता होने का आरोप है और वह वर्ष 2017 से फरार चल रहा है। उसके खिलाफ इंटरपोल द्वारा रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका है। वहीं, आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के संदेह में धातकीडीह निवासी अब्दुल सामी और रज्जाक कॉलोनी के नसीम को दिल्ली में पांच दिनों तक गहन पूछताछ के लिए रखा गया था। हालांकि, किसी ठोस सबूत के अभाव में दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने दोनों को रिहा कर दिया।
अब्दुल सामी कपाली नगर परिषद के वार्ड नंबर छह का स्थायी निवासी है, जबकि नसीम कपाली में किराए के मकान में रहता है। दोनों को तीन फरवरी को सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया था। गौरतलब है कि अब्दुल सामी को 18 जनवरी 2016 को हरियाणा के मेवात से और नसीम को जमशेदपुर से अलकायदा से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसी मामले में मेवात से मोहम्मद सामी, ओडिशा से अब्दुल रहमान अली खान उर्फ कटकी और टाटानगर रेलवे स्टेशन से मौलाना कलीमुद्दीन को भी गिरफ्तार किया गया था। करीब नौ वर्ष जेल में रहने के बाद अब्दुल सामी और नसीम को एक मार्च 2025 को अदालत से बरी कर दिया गया था।
अब एक बार फिर इन युवकों की गतिविधियों पर सुरक्षा एजेंसियां कड़ी नजर रखे हुए हैं। NIA, ATS, IB, RAW, ED सहित सभी एजेंसियां इस मामले की गहनता से जांच कर रही हैं। झारखंड पुलिस के आईजी और एसपी स्तर के अधिकारियों को भी इस जांच में शामिल किया गया है।

