रांची: झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में आरोपी और छत्तीसगढ़ के बड़े शराब कारोबारी नवीन केडिया की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मंगलवार को झारखंड हाइकोर्ट ने केडिया की जमानत याचिका पर अपना फैसला सुनाते हुए उसे बड़ा झटका दिया है। न्यायमूर्ति एसके द्विवेदी की अदालत ने केडिया को बेल देने से साफ इनकार कर दिया और उनकी याचिका को खारिज कर दिया।
कोर्ट ने क्यों खारिज की जमानत?
सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता ने कानून की प्रक्रिया का पालन करते हुए सरेंडर नहीं किया है। कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि जब तक आरोपी आत्मसमर्पण नहीं करता, तब तक उसकी जमानत याचिका पर विचार करना न्यायसंगत नहीं है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में दोनों पक्षों की लंबी बहस सुनने के बाद हाइकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
गोवा में मसाज कराते हुए चढ़े थे हत्थे
नवीन केडिया की गिरफ्तारी की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने उन्हें 8 जनवरी को गोवा के एक पॉश स्पा सेंटर से उस वक्त गिरफ्तार किया था, जब वे वहां मसाज करा रहे थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए केडिया लगातार ठिकाने बदल रहे थे, जिसके बाद उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया था ताकि वे देश छोड़कर न भाग सकें।
ट्रांजिट बेल का किया उल्लंघन
गिरफ्तारी के बाद गोवा की अदालत ने केडिया को झारखंड लाने के लिए ट्रांजिट रिमांड पर भेजा था। उन्हें 12 जनवरी की शाम तक रांची में एसीबी के अनुसंधानकर्ता के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया गया था। कोर्ट ने उन्हें चार दिनों की ट्रांजिट बेल इस शर्त पर दी थी कि वे खुद उपस्थित होंगे, लेकिन केडिया ने निर्देशों का उल्लंघन किया और फरार हो गए। इसी व्यवहार को आधार बनाते हुए अब झारखंड हाइकोर्ट ने उन्हें किसी भी प्रकार की राहत देने से मना कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
झारखंड में शराब वितरण और राजस्व में करोड़ों रुपये के हेरफेर का आरोप है। एसीबी इस पूरे घोटाले की जांच ‘भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम’ के तहत कर रही है। इस मामले में कई रसूखदार लोग जांच के घेरे में हैं, और नवीन केडिया को इस सिंडिकेट की एक अहम कड़ी माना जा रहा है।

