रांची। झारखंड राज्य समाज कल्याण आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ के संयोजक जयप्रकाश (जेपी) पांडेय ने सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर राज्य की लगभग 75 हजार आंगनवाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं को राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग की है।
जेपी पांडेय ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेशों के बावजूद वर्षों से आंगनवाड़ी कर्मियों को केवल मानदेय और अस्थायी व्यवस्था पर काम करने को मजबूर किया जा रहा है, जो गंभीर शोषण के रूप में देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी सेविकाएं खनिज संपदा से समृद्ध झारखंड में भी उचित सुविधाओं और स्थायी दर्जे से वंचित हैं, जबकि मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तराखंड जैसे अन्य राज्यों ने इस दिशा में पहल की है।
जेपी पांडेय ने बताया कि आंगनवाड़ी सेविकाएं कुपोषण दूर करने के प्रयास में लगी हैं, लेकिन समय पर मानदेय, पोषाहार और अन्य सुविधाओं का अभाव उन्हें स्वयं कुपोषण और कठिनाई का सामना करने पर मजबूर कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि राज्य सरकार ने शीघ्र निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

