पयार्वरण मंत्री अनिल दवे ने शुक्रवार को कहा कि भारत में विश्व के 70 प्रतिशत शेर हैं और दृढ़ संकल्पित संरक्षण तरीकों से वर्तमान में उनकी संख्या बढ़कर 2400 हो गई है। दवे ने यहां दिल्ली चिड़ियाघर में वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) की ओर से आयोजित विश्व वन्यजीव दिवस में कहा कि देश में वन्यजीव संरक्षण का एक इतिहास है।
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उन्होंने कहा कि भारत को वन्यजीव संरक्षण में सीखने की जरूरत नहीं है क्योंकि हम इस क्षेत्र में अगुआ हैं। लोगों के दृढ़ संकल्पित अभियान के चलते हमने कई ऐसी प्रजातियों की संख्या में जबर्दस्त बढ़ोतरी दर्ज की है जो विलुप्त होने के खतरे का सामना कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि विश्व में भारत में शेरों की सबसे अधिक संख्या है। हमारे यहां वर्तमान में 2400 शेर हैं। इसी तरह से बाघों और अन्य प्रजातियों के मामले में भी सफलता मिली है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार यह हमारी जिम्मेदारी है कि अन्य के अनुसरण के लिए उदाहरण बनाएं। वन्यजीव संरक्षण के प्रति एक स्वस्थ्य रवैया विकसित करना और अवैध गतिविधियों में लिप्त होने वालों से मुकाबला हमारा कर्तव्य है।
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अमेरिकी दूतावास की चार्ज डी अफेयर्स एम एल कार्लसन भी मौके में मौजूद थीं। उन्होंने धरती के संरक्षण में स्थानीय समुदायों की जरूरत को रेखांकित किया। राष्ट्रीय राजधानी के कई स्कूल एवं कालेजों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस मौके पर वन्यजीव संरक्षण विषय पर नारे लिखने और पेंटिंग के लिए छात्रों को पुरस्कार मिले। डब्ल्यूसीसीबी प्रमुख तिलोत्मा वर्मा ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं के बीच पयार्वरण संरक्षण का संदेश प्रसारित करना था। इस कार्यक्रम में शिकारियों से जब्त अवैध पशु उत्पादों को भी जलाया गया।
दवे ने ट्वीट किया, वन्य एवं पयार्वरण मंत्रालय वन्यजीव संरक्षण को प्रतिबद्ध है। गत वर्ष के 475 करोड़ रुपये के मुकाबले बजट आवंटन बढ़ाकर 522.50 करोड़ रुपये कर दिया गया है।